बासबाड़ी में नई वैगन पीओएच कारखाना से पूर्वोत्तर में फ्रेट संचालन को मिलेगा बढ़ावा
गुवाहाटी, 16 मार्च (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बीते 13 मार्च को असम के कोकराझार में कई रेल इंफ्रास्ट्रक्चर विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया था। इनपरियोजनाओं में कोकराझार जिला स्थितबासबाड़ी में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) द्वारा प्रस्तावित वैगन पीरियोडिक ओवरहॉल (पीओएच) कारखाना भी शामिल है, जोलगभग 256 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित लागत पर निर्मित किया जा रहाहै।
पूसीरे के सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने आज बताया है कि अलीपुरद्वार रेल मंडल के अधीन लगभग 669 एकड़ जमीनपर यह विकसित किया जा रहा है, जहां पूर्वोत्तर क्षेत्र में मालगाड़ी के वैगनों की रखरखाव क्षमता को सुदृढ़ किया जाएगा। परियोजना पूर्ण होने पर, यह मरम्मत की क्षमता बढ़ाकर और टर्नअराउंड समय को कम कर मालगाड़ी के डिब्बों की विश्वसनीयता और उपलब्धता को बढ़ाएगा,जिससे परिचालन दक्षता में सुधार होगा, बढ़ते माल परिवहन को सहयोग मिलेगा और इस क्षेत्र में रोज़गार के अवसर भी पैदा होंगे।
यह परियोजना पूसीरे के मालीगांव स्थित गति शक्ति इकाई के अधीन निष्पादित की जा रही है, जिसमें वर्तमान में निर्माण पूर्व कार्य शुरू हो चुके हैं। बासबाड़ी में प्रस्तावित कारखाना पूर्वोत्तर भारत में वैगन रखरखाव क्षमता को काफी मजबूत करेगी, दूरस्थ कारखानों पर निर्भरता को कम करेगी तथा इस क्षेत्र में संचालित होने वाले मालगाड़ियों के वैगनों की विश्वसनीयता और संरक्षा में सुधार लाएगी।
परियोजना के पहले चरण में, कारखाना को मासिक आधार पर 75 वैगनों की पीरियोडिक ओवर हॉल क्षमता प्राप्त करने के लिए विकसित किया जा रहा है। मुख्य इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों में फेंसिंग सहित 3000 मीटर चारदिवारी का निर्माण, जी+2 प्रशासनिक भवन, एम्बेडेड रेल पटरी, कवर्ड कारखाना शेड, रोड ओवरब्रिज (आरओबी) के साथ ही स्थायी पथ सामग्री जैसे रेल्स, स्लीपर्स और बैलास्ट शामिल हैं। विद्युत इंफ्रास्ट्रक्चर में 33 केवी ट्रांसमिशन लाइन कनेक्टिविटी, सब-स्टेशन्स, डीजी बैकअप सिस्टम, हाई मास्ट और एलईडी लाइटिंग कार्य होंगे। इसके अलावा, सिग्नलिंग, टेलीकॉम और उन्नत मैकेनिकल सुविधाएं जैसे ईओटी क्रेन, सीएनसी पोर्टल व्हील लेथ, व्हील प्रेस तथा बोगी मैनिपुलेटर्स स्थापित किए जाएंगे, ताकि आधुनिक वैगन रखरखाव संचालन को मदद मिले।
रेलवे संचालन को सुदृढ़ करने के अतिरिक्त, इस कारखाना से बासबाड़ी तथा विस्तृत कोकराझार जिले में महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे रोजगार सृजन, कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा तथा सहायक उद्योगों के विकास को प्रोत्साहन मिलेगा। यह परियोजना 27 जनवरी, 2020 को भारत सरकार, असम सरकार तथा बोडोलैंड समूहों के बीच बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र के विकास के लिए हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन के अनुरूप भी है। दिसंबर 2027 तक पूर्ण करने के लक्ष्य के साथ, यह कारखाना क्षेत्रीय विकास को और अधिक गति प्रदान करेगी। इसके लिए बासबाड़ी रेलवे स्टेशन तथा गौरीपुर रोड से रेल और सड़क संपर्क स्थापित करने की योजना बनाई गई है, ताकि संचालन हेतु सुगम पहुंच सुनिश्चित की जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

