पूसीरे के संरक्षा आधुनिकीकरण और परिचालन बदलाव को मिल रही गति
गुवाहाटी, 13 अगस्त (हि.स.)। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) प्रौद्योगिकी-संचालित सिग्नलिंग और टेलीकम्युनिकेशन (एसएंडटी) पहलों की एक श्रृंखला के माध्यम से अपने रेल नेटवर्क के आधुनिकीकरण को गति दे रहा है, जिससे संरक्षा, परिचालन सुदृढ़ता, संचार विश्वसनीयता और यात्री-केंद्रित सेवाओं को मजबूती मिल रही है। 1 जनवरी से 31 जुलाई 2026 तक की अवधि के दौरान, इस रेलवे में कई उल्लेखनीय एस एंड टी कार्यों को चालू किया गया है।
पूसीरे के सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने आज बताया है कि संरक्षा ढांचे और सिग्नलिंग इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने पर प्रमुखता से जोर दिया गया है। 9 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग चालू की गई है, जबकि 40 लेवल क्रॉसिंग गेटों को इंटरलॉक किया गया है और 39 स्लाइडिंग बूम चालू किए गए हैं, जो महत्वपूर्ण इंटरफेस पर सुरक्षा बढ़ाते हैं और निर्बाध ट्रेन परिचालन में सहयोग करते हैं। इसके अतिरिक्त, अलुआबाड़ी रोड-गाइसल-पांजीपाड़ा सेक्शन में 29.73 रूट किलोमीटर का ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग चालू की गई है, जिससे सिग्नलिंग क्षमताओं और परिचालन दक्षता में वृद्धि हुई है।
पूसीरे ने एक साथ अपने प्रौद्योगिकी-सक्षम निगरानी संरचना का विस्तार किया है, जिसके तहत 74 स्टेशनों और 24 लेवल क्रॉसिंग गेटों पर सीसीटीवी प्रणालियां चालू की गई हैं। यह रियल-टाइम निगरानी क्षमताओं को मजबूत करता है और पूरे रेल नेटवर्क में एक बेहतर सुदृढ़ संरक्षा एवं कुशल वातावरण बनाने में योगदान देता है।
परिचालन डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, लामडिंग और तिनसुकिया मंडलों में वीओआईपी-आधारित ट्रेन कंट्रोल कम्युनिकेशन सिस्टम (टीसीसीएस) स्थापित कर चालू किया गया है, जो विश्वसनीय संचार को सुगम बनाता है और कुशल ट्रेन नियंत्रण परिचालन में सहायता करता है।
यात्री सेवाओं के डिजिटल आधार को और अधिक सुदृढ़ करते हुए, 10 टियर-I स्थानों पर आरसीआईएल यात्री आरक्षण प्रणाली सर्किट को 2 एमबीपीएस से अपग्रेड कर 10 एमबीपीएस कर दिया गया है, जिससे नेटवर्क की क्षमता और विश्वसनीयता में काफी वृद्धि हुई है। 8 स्टेशनों पर एकीकृत यात्री सूचना प्रणालियां भी प्रदान की गई हैं, जिससे यात्रियों को समय पर सूचना की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है।
इन प्रौद्योगिकी-संचालित पहलों के माध्यम से, पूसीरे निरंतर एक अधिक सुदृढ़, स्मार्ट और कुशल रेल इकोसिस्टम तंत्र की ओर बढ़ रहा है, जहां उन्नत सिग्नलिंग, डिजिटल संचार, निगरानी और यात्री सूचना प्रणालियां एक साथ मिलकर सुरक्षा को मजबूत करती हैं तथा रेलवे संचालन और यात्री सेवाओं की समग्र गुणवत्ता को उन्नत करती हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

