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तीन दिनों में सात नाबालिगों का रेस्क्यू, 430 लोगों को सुरक्षित बचा चुका है पूसीरे का रेलवे सुरक्षा बल

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तीन दिनों में सात नाबालिगों का रेस्क्यू, 430 लोगों को सुरक्षित बचा चुका है पूसीरे का रेलवे सुरक्षा बल


गुवाहाटी, 26 जुलाई (हि.स.)। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) का रेलवे सुरक्षा बल (रेसुब) अपने अधिकार क्षेत्र में बच्चों और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार सतर्कता के साथ अभियान चला रहा है। 18 से 20 जुलाई के बीच चलाए गए विशेष अभियानों के दौरान रेसुब ने विभिन्न रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों से कई असुरक्षित नाबालिगों को रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित देखभाल और पुनर्वास के लिए संबंधित बाल कल्याण समितियों, चाइल्ड हेल्पलाइन तथा अन्य अधिकृत एजेंसियों के हवाले किया।

पूसीरे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) कपिंजल किशोर शर्मा ने रविवार को बताया कि रेसुब के जवानों ने 18 जुलाई को न्यू अलीपुरद्वार रेलवे स्टेशन से 12 वर्षीय एक बालक को सुरक्षित रेस्क्यू किया। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे बाल कल्याण समिति, अलीपुरद्वार को सौंप दिया गया।

उन्होंने बताया कि 19 जुलाई को न्यू बंगाईगांव रेलवे स्टेशन पर ट्रेन संख्या 22504 से यात्रा कर रही चार नाबालिग लड़कियों को रेसुब ने सुरक्षित निकाला। सभी को आवश्यक परामर्श और देखभाल के लिए बाल कल्याण समिति, बंगाईगांव के सुपुर्द किया गया। इसी दिन किशनगंज में ट्रेन संख्या 15910 से यात्रा कर रहे 10 वर्षीय एक बालक को रेस्क्यू कर चाइल्ड हेल्पलाइन, किशनगंज को सौंपा गया।

कटिहार रेलवे स्टेशन पर भी रेसुब ने 14 वर्षीय एक किशोरी को सुरक्षित रेस्क्यू कर चाइल्ड लाइन, कटिहार के हवाले किया। वहीं एक अन्य कार्रवाई में ट्रेन संख्या 12505 में यात्रा कर रही 14 वर्षीय एक लड़की को भी सुरक्षित निकाला गया। इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय स्थापित किया गया। इसी अभियान के दौरान 18 वर्षीय एक युवक को उसके परिजनों से सुरक्षित मिलवाया गया।

20 जुलाई को ग्वालपारा में ट्रेन संख्या 75724 से यात्रा कर रही 13 वर्षीय एक किशोरी को रेस्क्यू कर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी, ग्वालपारा को सौंपा गया। वहीं कामाख्या रेलवे स्टेशन पर रेसुब ने एक स्वयंसेवी संस्था (एनजीओ) के प्रतिनिधियों के सहयोग से ट्रेन संख्या 12505 से यात्रा कर रही 16 वर्षीय एक लड़की को सुरक्षित रेस्क्यू किया और उसे रेलवे चाइल्ड लाइन, गुवाहाटी की अभिरक्षा में भेज दिया।

सीपीआरओ ने बताया कि वर्ष 2026 के जनवरी से जून के बीच पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के विभिन्न स्टेशनों और ट्रेनों से 430 पुरुषों, महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। यह आंकड़ा यात्रियों और विशेष रूप से बच्चों की सुरक्षा के प्रति रेलवे सुरक्षा बल की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे सुरक्षित रेल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। रेलवे सुरक्षा बल, चाइल्ड वेलफेयर कमेटियों, चाइल्ड हेल्पलाइन, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर जरूरतमंद बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जहां संभव हो, उन्हें उनके परिवारों से पुनर्मिलन कराने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।--------------

हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय