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रेलवे की प्रमुख दोहरीकरण परियोजना से असम में रेल क्षमता को मिलेगा बढ़ावा

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रेलवे की प्रमुख दोहरीकरण परियोजना से असम में रेल क्षमता को मिलेगा बढ़ावा


गुवाहाटी, 17 मार्च (हि.स.)। पूर्वोत्तर में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देते हुए प्रधानमंत्री ने गत 13 मार्च को फरकाटिंग-न्यू तिनसुकिया दोहरीकरण परियोजना की आधारशिला रखी। कुल 194 किलोमीटर लंबी और लगभग 3634 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली यह महत्वपूर्ण परियोजना से रेल क्षमता को काफी बढ़ावा मिलेगा। परिचालन दक्षता में सुधार होने के साथ-साथ ऊपरी असम तथा आसपास के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इस परियोजना से जुड़े कार्य एक सुनियोजित तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) के सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने आज बताया कि पूसीरे के अधीन फरकाटिंग-न्यू तिनसुकिया सेक्शन एक महत्वपूर्ण रेल लिंक है, जो पैसेंजर और मालगाड़ी, दोनों तरह के परिवहन को सेवा प्रदान करता है। इस सेक्शन का दोहरीकरण मौजूदा रेल पटरियों पर भीड़ कम करने में मदद मिलेगी, जिससे ट्रेनों का परिचालन तेज़, सुचारू और अधिक विश्वसनीय हो सकेगा। इस परियोजना से कई लंबी दूरी और इंटरसिटी सेवाओं के लाभ मिलने की उम्मीद है। इस क्षेत्र में आर्थिक विकास को भी बढ़ावा प्रदान करेगी। सेक्शन पर कार्य फिलवक्त प्रगति पर है।

इसके साथ ही लामडिंग-फरकाटिंग दोहरीलाइन का कार्य भी तेज़ी से अग्रसर है। लगभग 140 किमी लंबी लामडिंग-फरकाटिंग सेक्शन, पूसीरे के अधीन एक अहम रेल कॉरिडोर है।2024–25 के दौरान 2123.70 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ अनुमोदित इस परियोजना का उद्देश्य, इस अंचल के व्यस्ततम एकल लाइन सेक्शन में से एक पर भीड़ कम करना है। यह दोहरीकरण परियोजना पूर्ण होने पर, ट्रेनों के परिचालन में काफ़ी सुधार होगा, यात्रा समय घटेगा और पैसेंजर एवं मालगाड़ी दोनों तरह के परिवहन की निर्बाध आवाजाही संभव होगी। इस परियोजना पर काम अभी चल रहा है।

यह परियोजना कई चरणों में निष्पादित किया जा रही है एवं पूरा करने का लक्ष्य जनवरी 2028 निर्धारित है। मई 2026 से शुरू होने वाला चरणबद्ध कमीशनिंग में नाऔजान-सरूपथार, धनसिरी- रंगापहाड़ और डिमापुर कनेक्टिविटी जैसे महत्वपूर्ण सेक्शन शामिल हैं। इस परियोजना में 19 बड़े पुलों, 161 छोटे पुलों का निर्माण और 20 स्टेशनों का विकास शामिल है, जो इस पहल की व्यापकता और जटिलता को दर्शाता है।

इन रणनीतिक परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए पूसीरे पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। ये परियोजनाएं भारतीय रेलवे के बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और पूर्वोत्तर क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के विज़न के अनुरूप हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय