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पूसीरे के महाप्रबंधक ने पुनर्विकास और बुनियादी ढांचे के कार्यों का लिया जायजा

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पूसीरे के महाप्रबंधक ने पुनर्विकास और बुनियादी ढांचे के कार्यों का लिया जायजा


गुवाहाटी, 12 अगस्त (हि.स.)। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे(पूसीरे) के महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव ने 11 अगस्त को न्यू जलपाईगुड़ी और कटिहार का विस्तृत निरीक्षण किया और चल रहे प्रमुख अवसंरचना और यात्री सुविधाओं से जुड़े कार्यों का जायजा लिया। न्यू जलपाईगुड़ी में, महाप्रबंधक ने विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के कार्य की प्रगति का निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे गुणवत्ता, संरक्षा और यात्रियों की सुविधा से कोई समझौता किए बिना सभी कार्य समय पर पूरा करें। उन्होंने प्लेटफॉर्म संख्या 1/2 पर एक्सपीरियंस ज़ोन, न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन के पश्चिमी हिस्से में सौर ऊर्जा पर आधारित नई पार्किंग सुविधा, एक नए बुकिंग काउंटर और प्लेटफॉर्म संख्या 4 पर एक वातानुकूलित प्रतीक्षालय का भी उद्घाटन किया। यात्रियों को बेहतर आराम और सुविधा प्रदान करने के लिए प्लेटफॉर्म संख्या 5 पर मौजूद यात्री प्रतीक्षा क्षेत्र को भी नवीनीकृत किया गया है।

पूसीरे के सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने आज बताया कि न्यू जलपाईगुड़ी के दौरे के दौरान, श्रीवास्तव ने कंचनजंगा अधिकारी विश्राम गृह में आठ और अतिरिक्त कमरों का उद्घाटन किया, जिससे स्टेशन पर ठहरने की सुविधाओं में बढ़ोतरी हुई। उन्होंने चल रहे विभिन्न कार्यों की प्रगति और आगे की कार्ययोजना की समीक्षा के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ बातचीत की। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि न्यू जलपाईगुड़ी के पुनर्विकास में तय समय-सीमा का पालन करते हुए आधुनिक तथा यात्रियों के अनुकूल सुविधाएं प्रदान की जानी चाहिए। निरीक्षण दौरे के दौरान महाप्रबंधक के साथ पूसीरे मुख्यालय और कटिहार मंडल के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें पूसीरे के प्रधान मुख्य इंजीनियर नीलमणि ब्रह्मा और कटिहार के मंडल रेल प्रबंधक श्री किरेन्द्र नरह शामिल थे।

निरीक्षण दौरे के दौरान महाप्रबंधक ने हाल ही में शुरू हुए कटिहार-कुरेठा और कटिहार-सोनैली दोहरी लाइन सेक्शनों का विंडो-ट्रेलिंग निरीक्षणकिया और नव निर्मित अवसंरचना व उससे जुड़े कार्यों का जायजा लिया। रेलसेक्शनों का यह निरीक्षण रूट की रेल पटरियों, इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास कार्यों की स्थिति से अवगत होने के लिए किया गया था। उन्होंने अधिकारियों को संरक्षा पर विशेष ध्यान देने और रेलवे के कामकाज को सुचारू एवं कुशल बनाए रखने का निर्देश दिया। कटिहार रेलवे स्टेशन पर, श्रीवास्तव ने यात्री क्षेत्र में 132 केडब्ल्यूपी के सौर ऊर्जा संयंत्र का उद्घाटन किया, जिससे पूसीरे की अक्षय ऊर्जा और स्थायी रेल अवसंरचना अपनाने के प्रयासों को बढ़ावा मिला। उन्होंने दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे (डीएचआर) के नवीनीकृत ऐतिहासिक 790 'बी' क्लास एनजी इंजन का भी अनावरण किया। इस ऐतिहासिक इंजन को इस क्षेत्र की समृद्ध रेल विरासत की याद के तौर पर कटिहार स्टेशन पर संरक्षित कर प्रदर्शित किया गया है। महाप्रबंधक ने कटिहार रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया और विकास व यात्री सुविधाओं से जुड़े विभिन्न कार्यों का जायजा लिया।

निरीक्षण और समीक्षा बैठकों के दौरान, महाप्रबंधक ने गुणवत्ता, संरक्षा और परिचालन में उच्चतम मानकों को बनाए रखते हुए चल रही सभी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने पर ज़ोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यात्रियों की सुविधाओं को उचित प्राथमिकता दें और यह सुनिश्चित करें कि बुनियादी ढांचे के विस्तार और स्टेशन के पुनर्विकास कार्यों से यात्रियों के यात्रा अनुभव में सुधार हो। श्रीवास्तव ने पूसीरे में निरंतर आधुनिकीकरण, सुदृढ़ बुनियादी ढांचे के विकास और संरक्षा के प्रावधान, विश्वसनीय तथा यात्री-अनुकूल रेल सेवाएं प्रदान करने की दिशा में रेल अधिकारियों और कर्मचारियों के समर्पित प्रयासों की सराहना की।

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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय