पूसीरे ने कटिहार मंडल में लोको पायलटों के प्रशिक्षण के लिए अपनाया डिजिटल टेक्नोलॉजी
गुवाहाटी, 01 जुलाई (हि.स.)। परिचालन सुरक्षा को मज़बूत करने और रेल प्रशिक्षण के तौर-तरीकों को आधुनिक बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) ने लोको पायलटों के शिक्षण अनुभव को उन्नत बनाया है। इसके तहत कटिहार मंडल के क्रू लॉबी में कई इंटरैक्टिव डिजिटल टेक्नोलॉजी शुरू किए गए हैं। इन पहलों का उद्देश्य ज़्यादा असरदार, व्यावहारिक और टेक्नोलॉजी पर आधारित प्रशिक्षण प्रदान करना है, ताकि क्रू मेंबर अपना परिचालनिक ज्ञान एवं निर्णय लेने की क्षमता को बेहतर बना सकें तथा साथ ही ट्रेन परिचालन ज़्यादा सुरक्षित एवं कुशल हो सके।
पूसीरे के सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने बुधवार काे बताया कि इस पहल के तहत, मंडल के सभी क्रू लॉबी में इंटरैक्टिव टच पैनल लगाए गए हैं। ये डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म दैनंदिन शिक्षण, काउंसलिंग सत्र और आवश्यक परिचालन जानकारी तक तेज़ पहुंच को सुलभ बनाते हैं, जिससे प्रशिक्षण की प्रक्रिया ज़्यादा दिलचस्प और उपयोग में आसान हो जाती है।
कटिहार मंडल ने ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम पर इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर भी शुरू किए हैं, जिससे लोको पायलट सीधे क्रू लॉबी में सिग्नलिंग के सिद्धांतों के बारे में अपनी समझ को नियमित रूप से परख और मज़बूत कर सकते हैं। इसके अलावा, प्रैक्टिकल डेमो देने और हैंड्स-ऑन लर्निंगके जरिए वैचारिक समझ बेहतर बनाने के लिए ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम का एक फिजिकल वर्किंग मॉडल लागू किया गया है।
रूट की जानकारी को और अधिक बेहतर बनाने के लिए, मंडल ने दिन और रात दोनों स्थितियों को कवर करने वाली इंटरैक्टिव रूट वीडियोग्राफी शुरू की है। ये हाई-क्वालिटी वीडियो लोको पायलटों को रेलवे रूट की वास्तविक दृश्य की तरह जानकारी प्रदानकरते हैं, जिससे उन्हें अलग-अलग दृश्यता की स्थितियों में सिग्नल, लैंडमार्क, ढ़लान और परिचालन से जुड़े दूसरी विशेषताओं को पहचानने में मदद मिलती है। इस डिजिटल तरीके से ट्रेन चलाने से पहले रूट की जानकारी और परिचालन तैयारी में काफी सुधार होने की उम्मीद है।
इस मंडल ने रेलवे के कामकाज से जुड़े विषयों, जैसे कि आरएस वॉल्व का काम करने का तरीका, पर एक खास पॉडकास्ट सीरीज भी शुरू किया है, जो निरंतर सीखने के लिए एक नया और अनोखा प्लेटफ़ॉर्म देता है। साथ ही, मालदा टाउन में क्रू लॉबी को बेहतर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक सुविधाओं के साथ अपग्रेड किया गया है, ताकि टेक्नोलॉजी-आधारित प्रशिक्षण और परामर्श में मदद मिल सके। ये पहलें एनएफआर की उस निरंतर प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती हैं, जिसके तहत वह अत्यधिक कुशल कार्यबल तैयार करने, सुरक्षा मानकों को मजबूत करने और रेलवे संचालन में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने में डिजिटल तकनीकों का लाभ उठा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

