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पूसीरे ने गुवाहाटी और आस-पास के क्षेत्रों में रेल अवसंरचना के विकास को दी गति

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पूसीरे ने गुवाहाटी और आस-पास के क्षेत्रों में रेल अवसंरचना के विकास को दी गति


गुवाहाटी, 03 अक्तूबर (हि.स.)। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) गुवाहाटी और उसके आस-पास के क्षेत्रों में रेल सेवाओं की बढ़ती मांग को पूरा करने, परिचालन क्षमता बढ़ाने और संपूर्ण पूर्वोत्तर में कनेक्टिविटी को मज़बूत करने के लिए कई बड़े अवसंरचना और क्षमता बढ़ाने वाले परियोजनाओं पर कार्य कर रहा है। इस क्षेत्र के प्रवेश द्वार और पूसीरे के मुख्यालय के तौर पर, गुवाहाटी रेलवे स्टेशन रोज़ाना 50,000 से ज़्यादा यात्रियों को हैंडल करता है। पीक सीज़न में यह संख्या बढ़कर लगभग 65,000 हो जाती है और यहां से रोज़ाना 200 से अधिक ट्रेनें गुज़रती हैं।

पूसीरे के सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने आज बताया है कि इस दिशा में एक अहम परियोजना कामाख्या-गुवाहाटी तीसरी लाइन परियोजना है, जो 5.74 किमी लंबा है और इसकी अनुमोदित लागत 467 करोड़ रुपये है। यह अतिरिक्त लाइन क्षमता बढ़ाएगी, भीड़ कम करेगी और ट्रेनों के सुचारू परिचालन में मदद करेगी, जिससे कामरूप मेट्रो ज़िले के यात्रियों और निवासियों को काफी लाभ होगा। इसे 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

एक अन्य बड़ी परियोजना आगियाठरी-कामाख्या दोहरी लाइन परियोजना है, जिसमें द्वितीय सरायघाट रेल-कम-रोड ब्रिज का निर्माण भी शामिल है। इसकी अनुमोदित लागत 1474 करोड़ रुपये है। 7.20 किमी लंबी इस परियोजना में 1.3 किमी का द्वितीय सरायघाट रेल-कम-रोड ब्रिज शामिल है। यह दोहरी रेल लाइन और तीन लेन वाली सड़क होगी। यह नया अवसंरचना ब्रह्मपुत्र नदी पर रेल और सड़क क्षमता को बढ़ावा प्रदान करेगा साथ ही मौजूदा सरायघाट ब्रिज पर दबाव कम करेगा। गुवाहाटी, उत्तर गुवाहाटी और पूर्वोत्तर के अन्य हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी को मज़बूत करेगा। इससे अतिरिक्त उपयोगकर्ताओं के लिए ट्रेन सेवाओं के परिचालन में भी आसानी होगी।

ट्रेन टर्मिनल और रखरखाव के अवसंरचना को और अधिक मज़बूत करने के लिए, न्यू गुवाहाटी में 227 करोड़ रुपये की लागत से एक मेगा कोचिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण हो रहा है। इस कॉम्प्लेक्स में तीन पिट लाइन, चार स्टेबलिंग लाइन और दो ऑटोमैटिक कोच-वॉशिंग प्लांट होंगे, जिससे कोचिंग क्षमता बढ़ेगी, रखरखाव की सुविधाएं बेहतर होंगी और ट्रेनों का परिचालन ज़्यादा सुरक्षित और कुशल होगा।

गुवाहाटी और कामाख्या रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य भी चल रहा है, जिसमें यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाओं और बेहतर पहुंच पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। गुवाहाटी रेलवे स्टेशन को आईटी पार्क के साथ एक आधुनिक सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है और इसे ग्रीन-बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर विकसित किया जा रहा है, जिसमें सौर ऊर्जा उत्पादन, अपशिष्ट प्रबंधन और जल प्रबंधन जैसे उपाय शामिल हैं। गुवाहाटी रेलवे स्टेशन के लिए द्वितीय प्रवेश द्वार का निर्माण भी चल रहा है, जो यात्रियों को एक अतिरिक्त मार्ग प्रदान करेगा और स्टेशन के आसपास ट्रैफिक जाम को कम करने में मदद मिलेगी। हाल ही में उद्धाटन किए गए पानबाजार रोड ओवर ब्रिज ट्रैफिक की आवाजाही को आसान बनाने और स्टेशन के रिमॉडलिंग कार्यों में मददगार साबित हो रहा है। कामाख्या रेलवे स्टेशन पर पुनर्विकास का कार्य तेज़ी से चल रहा है, जिसमें बेहतर सुविधाओं और यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाओं पर ध्यान दिया जा रहा है।

कामाख्या-आजरा एलिवेटेड कॉरिडोर एक अन्य महत्वपूर्ण परियोजना है, जिसका उद्देश्य पर्यावरण और वन्यजीवों का ध्यान रखते हुए रेल कनेक्टिविटी को मज़बूत करना है। इस मार्ग पर एक एलिवेटेड वायडक्ट बनाया जा रहा है, जिसमें डिपोर बील से गुज़रने वाला रेल लाइन का हिस्सा भी शामिल है, ताकि हाथियों सहित वन्यजीवों की सुरक्षित एवं निर्बाध आवाजाही हो सके और साथ ही बेहतर रेल कनेक्टिविटी भी सुनिश्चित हो सके। शेष 13.25 किलोमीटर आजरा-कामाख्या दोहरी लाइन वाले हिस्से को जुलाई 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

पूसीरे गति शक्ति कार्गो टर्मिनल्स (जीसीटी) के ज़रिए गुवाहाटी क्षेत्र में माल परिवहन और लॉजिस्टिक्स अवसंरचना को भी मज़बूत कर रहा है। गुवाहाटी के पास बाइहाटा में जीसीटी का कार्य पूरा हो गया है, जिससे इस क्षेत्र में माल परिवहन और लॉजिस्टिक्स की क्षमता बढ़ी है। इसके अलावा, जोगीघोपा स्टेशन यार्ड और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (एमएमएलपी) जीसीटी साइडिंग के बीच रेल कनेक्टिविटी का कार्य पूरा हो गया है। यह कनेक्टिविटी जोगीघोपा को एक बड़े लॉजिस्टिक्स हब के तौर पर क्षमता को और अधिक मज़बूती प्रदान करेगी और पूर्वोत्तर में सामग्रियों केनिर्बाध मल्टी-मॉडल आवाजाही में मदद मिलेगी।

कुल मिलाकर, ये अवसंरचनात्मक परियोजनाएं गुवाहाटी और उसके आसपास रेल नेटवर्क की क्षमता, दक्षता और मज़बूती को काफी बढ़ावा प्रदान करेंगे। अतिरिक्त रेल लाइनें और द्वितीय सरायघाट ब्रिज मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर पर भीड़ कम करेंगे और ट्रेनों की आवाजाही को आसान बनाएंगे, जबकि मेगा कोचिंग कॉम्प्लेक्स रखरखाव और टर्मिनल की क्षमता को बढ़ाएगा। स्टेशन का पुनर्विकास और बेहतर पहुंच यात्रियों की सुविधा को बढ़ाएगी, जबकि एलिवेटेड रेल इंफ्रास्ट्रक्चर कनेक्टिविटी और वन्यजीवों की आवाजाही में मदद करेगा। गति शक्ति कार्गो टर्मिनल्स माल परिवहन और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स को और अधिक सुदृढ़ करेंगे, जिससे गुवाहाटी और पूर्वोत्तर में कुशल, टिकाऊ और यात्री-केंद्रित रेल कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय