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पूसीरे के महाप्रबंधक ने मरियानी-शिमलगुड़ी-न्यू तिनसुकिया सेक्शन का किया निरीक्षण

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पूसीरे के महाप्रबंधक ने मरियानी-शिमलगुड़ी-न्यू तिनसुकिया सेक्शन का किया निरीक्षण


गुवाहाटी, 26 फरवरी (हि.स.)। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) के महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव ने 25 फरवरी को तिनसुकिया मंडल का व्यापक वार्षिक संरक्षा निरीक्षण किया। इस निरीक्षण में 152 किलोमीटर लंबी मरियानी- शिमलगुड़ी -न्यू तिनसुकिया सेक्शन का निरीक्षण किया। पूसीरे के नेटवर्क में परिचालन संरक्षा को सुदृढ़ करने, इंफ्रास्ट्रक्चर की विश्वसनीयता और यात्री सुविधाओं को अपग्रेड करने की दिशा में निरंतर प्रतिबद्धता के तहत किया गया था।

पूसीरे के सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने गुरुवार काे बताया कि महाप्रबंधक ने मरियानी से निरीक्षण शुरू किया, जहां उन्होंने क्रू लॉबी और रनिंग रूम का जायजा किया, ताकि क्रू बुकिंग प्रोसेस, विश्राम करने के स्थान और संरक्षा प्रोटोकॉल के अनुपालन की समीक्षा की जा सके। उन्होंने ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग सिस्टम के तहत कामों की भी समीक्षा की और रियल-टाइम मॉनिटरिंग एवं परिचालन नियंत्रण को बेहतर बनाने के उद्देश्य से नव स्थापित लार्ज फॉर्मेट डिस्प्ले सिस्टम का भी निरीक्षण किया। स्टेशन पर लगाए गए नए सोलर पावर प्लांट का उद्घाटन किया गया। इस संयंत्र से एनएफआर की मजबूत और हरित ऊर्जा पहलों के लिए प्रतिबद्धता और सुदृढ़ हुई है।

नकचारी में, महाप्रबंधक ने रिले रूम समेत सिग्नलिंग सिस्टम का विस्तृत निरीक्षण किया और इलेक्ट्रॉनिक इंट्रूजन डिटेक्शन सिस्टम और अन्य सहयोगी संरक्षा प्रणालियों के कार्य करने के तरीकों की समीक्षा की। उन्होंने नॉन-इंटरलॉक्ड समपार फाटक संख्या 102 (इंजीनयरी) का भी निरीक्षण किया और समपार फाटक पर संरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने पर जाेर दिया।

शिमलगुड़ी में, महाप्रबंधक ने मरियानी- शिमलगुड़ी सेक्शन में एक स्पीड ट्रायल किया, जिसका उद्देश्य सेक्शनल स्पीड 100 केएमपीएच से बढ़ाकर प्रस्तावित 110 केएमपीएच करना था। यह लाइन क्षमता को बेहतर बनाने और ट्रांजिट टाइम को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने मरियानी एंड पर समपार फाटक संख्या एसटी-115 (ट्रैफिक), प्वाइंट संख्या 31 और 31ए, पावर हाउस, एबीएसएस कार्य और रेलवे स्वास्थ्य इकाई का भी निरीक्षण किया। उन्होंने रेल कॉलोनी की स्थिति का जायजा लेकर इसकी समीक्षा की और कर्मियों के नागरिक सुविधाओं के बारे में बातचीत की। इस दौरान, उन्होंने कर्मचारी कल्याण तथा सामुदायिक बुनियादी ढांचा के लिए नवनिर्मित रेलवे प्लेग्राउंड और नव निर्मित स्टाफ क्वार्टर का उद्घाटन किया।

इसके बाद, उन्होंने छोटे पुल संख्या 524 का निरीक्षण किया और गैंग नंबर 18-डीआर के ट्रैकमेंटेनरों से बातचीत की, ताकि फील्ड लेवल पर संरक्षा के तरीकों और ट्रैक मेंटेनेंस मानकों का आकलन किया जा सके। नाहरकटीया में, ट्रैक्शन सब-स्टेशन (टीएसएस) का निरीक्षण किया गया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ट्रैक्शन पावर सप्लाई कितना भरोसेमंद है। स्ट्रक्चरल इंटीग्रिटी और ट्रैक संरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण ब्रिज नंबर 561 और स्विच एक्सपेंशन ज्वाइंट की भी जांच की गई।

ऐसे निरीक्षण पूरे रेल नेटवर्क में परिचालन संरक्षा, परिसंपत्तियों की विश्वसनीयता और सेवा दक्षता के उच्चतम मानकों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किए जाते हैं। ये ट्रैक, सिग्नलिंग, ट्रैक्शन और रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के मूल्यांकन, संरक्षा प्रणाली और फील्ड लेवल प्रैक्टिस की समीक्षा का अवसर प्रदान करते हैं। एनएफआर निरंतर संरक्षा अपग्रेडेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण, हरित ऊर्जा पहलों को अपनाने और कर्मचारी कल्याण एवं यात्री सुविधाओं को बढ़ाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। ---------------------

हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय