पूसीरे के महाप्रबंधक ने संरक्षा और बुनियादी ढांचे की समीक्षा के लिए कामाख्या-न्यूबंगाईगांव सेक्शन का किया निरीक्षण
गुवाहाटी, 06 नवंबर (हि.स.)। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) के महाप्रबंधक का कार्यभार संभालने के बाद, विवेक खरे ने कामाख्या-न्यू बंगाईगांव सेक्शन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संरक्षा, परिचालन दक्षता और रेलवे के सभी बुनियादी ढांचे की समीक्षा की। उनके साथ मंडल रेल प्रबंधक/रंगिया और ज़ोन के अन्य वरिष्ठ रेलवे अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।
पूसीरे के सीपीआरओ कपिंजल किशोर शर्मा ने आज बताया है कि बीते 5 नवंबर को निरीक्षण के दौरान, महाप्रबंधक ने ऐतिहासिक सराईघाट पुल का अवलोकन किया। उन्होंने कामाख्या से न्यू बंगाईगांव तक विंडो-ट्रेलिंग निरीक्षण किया, ताकि रेल पटरियों, परिसंपत्तियों और मार्ग के अन्य बुनियादी ढांचे की स्थिति का जायजा लिया जा सके। इस दौरान संरक्षा मानकों, रखरखाव प्रक्रियाओं और परिचालन संबंधी तत्परता पर विशेष जोर दिया गया।
खरे ने इस सेक्शन पर स्थित लेवल क्रॉसिंग गेट संख्या एसके-12, एसके-22 और पुल संख्या 467 (बेकी नदी) का भी निरीक्षण किया। उन्होंने इनके रखरखाव की स्थिति, संरक्षा प्रावधानों और परिचालन तैयारियों की जांच की। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि ये महत्वपूर्ण रेलवे परिसंपत्तियां सुरक्षित, कुशल और निर्बाध ट्रेन परिचालन के लिए पूरी तरह विश्वसनीय बनी रहें।
नलबाड़ी रेलवे स्टेशन पर, महाप्रबंधक ने परिचालन सुरक्षा और स्टेशन के बुनियादी ढांचे की स्थिति का आकलन करने के लिए पॉइंट्स और क्रॉसिंग का निरीक्षण किया। उन्होंने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे स्टेशन पुनर्विकास कार्यों का भी समीक्षा की। इस योजना का लक्ष्य यात्रियों के लिए सुविधाओं को बढ़ाना और यात्रा के अनुभव को और बेहतर बनाना है।
न्यू बंगाईगांव में, विवेक खरे ने पिट लाइन सुविधाओं का निरीक्षण किया। यह कोचों की जांच और रखरखाव के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा है, जो यह सुनिश्चित करता है कि कोच सेवा के लिए पूरी तरह फिट और तैयार हैं। उन्होंने न्यू बंगाईगांव में नवीनीकृत क्रू लॉबी का भी उद्घाटन किया। यह लॉबी ट्रेन-क्रू की परिचालन संबंधी जरूरतों को पूरा करने, बेहतर सुविधाएं प्रदान करने और उनके कार्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में सहायक होगी, जिससे परिचालन दक्षता में वृद्धि होगी।
यह निरीक्षण पूसीरे की उस निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, संरक्षा मानकों को उन्नत करना, परिचालन दक्षता में सुधार करना और यात्रियों तथा रेलवे कर्मचारियों दोनों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

