पूसीरे ने शिमलगुड़ी-मरानहाट सेक्शन में पूरा किया कर्व पुनर्संरेखण कार्य, बढ़ेगी ट्रेनों की रफ्तार
गुवाहाटी, 22 मई (हि.स.)। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) ने तिनसुकिया मंडल के अंतर्गत शिमलगुड़ी-मरानहाट रेलखंड में एक महत्वपूर्ण अवसंरचनात्मक परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस परियोजना के तहत स्थायी गति प्रतिबंध (पीएसआर) को हटाने के उद्देश्य से कर्व पुनर्संरेखण का कार्य किया गया, जिससे इस सेक्शन में ट्रेनों की गति और परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) कपिंजल किशोर शर्मा ने शुक्रवार को बताया कि परियोजना के अंतर्गत मौजूदा 3-डिग्री कर्व को अधिक सुगम 2-डिग्री कर्व में परिवर्तित किया गया है। इसके लिए रेल पटरी को काटने और जोड़ने के साथ-साथ ओवरहेड उपकरण (ओएचई) मास्ट और तारों को भी स्थानांतरित किया गया।
उन्होंने कहा कि यह कार्य ट्रैफिक ब्लॉक अवधि के दौरान इंजीनियरिंग, ऑपरेशंस और ट्रैक्शन डिस्ट्रीब्यूशन (टीआरडी) विभागों के बेहतर समन्वय से पूरा किया गया। यह रेलवे की मजबूत टीम भावना और परिचालन दक्षता का उदाहरण है।
सीपीआरओ के अनुसार, ब्लॉक के दौरान लगभग 500 मीटर लंबे नवनिर्मित ढांचे पर तैयार किए गए नए 2-डिग्री कर्व को मौजूदा ट्रैक से जोड़ा गया। इस प्रक्रिया में रेल पटरी को अधिकतम 7.7 मीटर तक विस्थापित किया गया। पूरे कार्य को उच्च स्तर की सटीकता और सुरक्षा मानकों के साथ अंजाम दिया गया।
उन्होंने बताया कि ट्रेनों के सुरक्षित और सुचारु परिचालन को सुनिश्चित करने के लिए पहली ट्रेन के संचालन से पहले डुओमैटिक मशीन की सहायता से मशीन टैम्पिंग भी की गई।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद 500 मीटर लंबे सेक्शन पर लागू 95 किलोमीटर प्रति घंटा की स्थायी गति प्रतिबंध (पीएसआर) को स्थायी रूप से हटा दिया गया है। अब इस रेलखंड पर ट्रेनों की अधिकतम अनुमेय गति (एमपीएस) 110 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकेगी।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस सुधार से ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी, समयपालन में सुधार आएगा और यात्रियों को अधिक सुगम, तेज एवं प्रभावी रेल सेवा मिल सकेगी।
कपिंजल किशोर शर्मा ने कहा कि पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे अपने नेटवर्क पर सुरक्षित, तेज और विश्वसनीय रेल सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार अवसंरचना के आधुनिकीकरण, सुरक्षा उपायों को मजबूत करने और परिचालन दक्षता बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

