पूसीरे के महाप्रबंधक (निर्माण) आशीष बंसल ने बदरपुर-अगरतला-सबरूम रेलखंड का किया निरीक्षण
-अगरतला-अखौरा परियोजना के लंबित कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश-कुमारघाट-अगरतला सेक्शन में आठ आरओबी चालू करने का लक्ष्य
गुवाहाटी, 17 अक्टूबर (हि.स.)। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे-निर्माण) के महाप्रबंधक आशीष बंसल ने बदरपुर से अगरतला, निश्चिंतपुर और सबरूम तक विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन परियोजनाओं, रेल पटरियों, पुलों और संरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा, गुणवत्ता, समयबद्ध निर्माण और रेल परिसंपत्तियों के उचित रखरखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
पूसीरे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) कपिंजल किशोर शर्मा ने शनिवार को बताया कि 14 अक्टूबर को निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति का आकलन किया और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि महाप्रबंधक ने कुमारघाट-अगरतला रेलखंड में रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) के निर्माण की स्थिति की समीक्षा की। इन पुलों का उद्देश्य लेवल क्रॉसिंग समाप्त करना, सड़क सुरक्षा बढ़ाना और आम लोगों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाना है। इस परियोजना के द्वितीय संशोधित प्राक्कलन के तहत कुल 23 आरओबी स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 12 के निर्माण के लिए अनुबंध दिए जा चुके हैं और कार्य प्रगति पर है।
महाप्रबंधक ने चालू वित्तीय वर्ष के दौरान आठ आरओबी चालू करने तथा तीन आरओबी के रेलवे वाले हिस्से का निर्माण पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को राज्य सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर निर्माण कार्यों में तेजी लाने और भूमि अधिग्रहण सहित लंबित मुद्दों का जल्द समाधान करने का निर्देश दिया।
सीपीआरओ के अनुसार, तीन आरओबी का निर्माण लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और एक का निर्माण नेशनल हाईवे एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) कर रहा है। रेलवे अधिकारियों को इन एजेंसियों के साथ बेहतर तालमेल बनाकर रेलवे से जुड़े मुद्दों का त्वरित समाधान करने को कहा गया।
जिन आरओबी के लिए अब तक निर्माण एजेंसियों का चयन नहीं हुआ है, उनके मामले में महाप्रबंधक ने अल्ट्रा-हाई-परफॉर्मेंस कंक्रीट (यूएचपीसी) सहित आधुनिक निर्माण तकनीकों के इस्तेमाल की संभावनाओं पर विचार करने का निर्देश दिया। इससे भूमि की आवश्यकता कम करने और निर्माण कार्यों को अधिक कुशलता से पूरा करने में मदद मिल सकती है।
महाप्रबंधक बंसल ने अगरतला-अखौरा सीमा पार रेल परियोजना का भी निरीक्षण किया और निश्चिंतपुर रेलवे स्टेशन पर शेष कार्यों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया, ताकि यात्री ट्रेनों का परिचालन जल्द शुरू किया जा सके। भारत और बांग्लादेश के बीच महत्वपूर्ण रेल संपर्क मानी जाने वाली इस परियोजना से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होने और केंद्र सरकार की एक्ट ईस्ट नीति को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
अगरतला-सबरूम रेलखंड के निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने रेल अवसंरचना, संरक्षा व्यवस्थाओं और रखरखाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को रेल परिसंपत्तियों की सुरक्षा, विश्वसनीयता और उचित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बंसल ने मयनारवंद-अगरतला रेललाइन के दोहरीकरण के लिए चल रहे सर्वे की प्रगति की भी समीक्षा की। इसका फाइनल लोकेशन सर्वे (एफएलएस) पूरा हो चुका है और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) मंजूरी के लिए रेलवे बोर्ड को भेज दी गई है। मंजूरी और क्रियान्वयन के बाद प्रस्तावित दोहरीकरण से रेललाइन की क्षमता बढ़ाने और भविष्य में बढ़ने वाले यातायात को संभालने में मदद मिलने की उम्मीद है।
यह निरीक्षण पूसीरे (निर्माण) की ओर से रेल अवसंरचना परियोजनाओं को गति देने, संरक्षा मजबूत करने और परिचालन दक्षता बढ़ाने के प्रयासों का हिस्सा है। इन पहलों से यात्रियों की सुविधाओं में सुधार, पूर्वोत्तर क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत करने और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।---------
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

