पूसीरे ने यात्री सेवाओं और माल ढुलाई में हासिल की उल्लेखनीय उपलब्धियां
गुवाहाटी, 21 अगस्त (हि.स.)। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) ने वर्ष 2026 में अब तक यात्री सेवाओं, समय की पाबंदी, बुनियादी ढांचे और माल ढुलाई के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। इन पहलों से पूर्वोत्तर क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी और यात्रियों की सुविधाओं में सुधार हुआ है। इस वर्ष अब तक 14 जोड़ी नई ट्रेन सेवाएं शुरू की गई हैं, जिनमें वंदे भारत स्लीपर, अमृत भारत और मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं।
पूसीरे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) कपिंजल किशोर शर्मा ने शुक्रवार को बताया कि इस दौरान स्पेशल ट्रेनों के कुल 674 फेरे संचालित किए गए, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 23 प्रतिशत अधिक हैं। इनमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए संचालित 92 फेरे भी शामिल हैं। जुलाई 2026 में अगरतला और करीमगंज के बीच पहली मेमू सेवा शुरू की गई।
सीपीआरओ ने बताया कि यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए 230 यात्री आरक्षण प्रणाली (पीआरएस) केंद्रों को नेक्स्ट जेनरेशन जीयूआई आधारित पीआरएस में बदला गया है। न्यू जलपाईगुड़ी और गुवाहाटी में यात्रियों के लिए नई सुविधाएं शुरू की गई हैं। 49 ट्रेनों में पैंट्री सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। आठ स्टेशनों पर एकीकृत यात्री सूचना प्रणाली और चार स्टेशनों पर 10 नए लिफ्ट लगाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि पूसीरे के ‘ईट राइट’ प्रमाणन वाले स्टेशनों और परिसरों की संख्या बढ़कर 25 स्टेशन और चार परिसर हो गई है। यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए नियमित और स्पेशल ट्रेनों में अतिरिक्त कोच भी लगाए गए हैं।
सीपीआरओ ने बताया कि हवाईपुर और बाईहाटा में ‘गति शक्ति कार्गो टर्मिनल’ समेत सात नए फ्रेट टर्मिनल शुरू किए गए हैं। इससे माल परिवहन गतिविधियों में वृद्धि हुई है। अप्रैल से जुलाई 2026 के दौरान माल लोडिंग में सात प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस दौरान सीमेंट की लोडिंग में 160 प्रतिशत और डोलोमाइट की लोडिंग में 28.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई। जुलाई 2026 में भारत से पहली कंटेनर ट्रेन नेपाल पहुंची, जिसे क्षेत्रीय माल ढुलाई कनेक्टिविटी की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जोगीघोपा रेलवे स्टेशन यार्ड और जोगीघोपा मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (एमएमएलपी) के बीच ट्रैक जोड़ने का काम भी पूरा हो गया है। इससे एमएमएलपी को सुगम रेल कनेक्टिविटी मिलने के साथ माल परिवहन को और बेहतर बनाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
पूसीरे के अनुसार, इन पहलों से पूर्वोत्तर क्षेत्र में यात्री सेवाओं, परिचालन क्षमता, रेल कनेक्टिविटी और माल ढुलाई को मजबूत करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को गति मिली है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

