पूर्वोत्तर की स्वास्थ्य सेवाओं में नई संभावनाओं के द्वार खुले : स्वास्थ्य मंत्री अशोक सिंघल
गुवाहाटी, 10 जून, (हि.स.)। असम के स्वास्थ्य, परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री अशोक सिंघल ने कहा कि कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के माध्यम से होने वाली साझेदारी असम और पूर्वोत्तर के स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने बुधवार को गुवाहाटी के एक निजी होटल में आयोजित “असम सीएसआर राउंड टेबल 2.0” कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए यह बात कही।
अपने उद्घाटन संबोधन में मंत्री सिंघल ने पूर्वोत्तर में कैंसर रोग की बढ़ती चुनौती का उल्लेख करते हुए कहा कि टाटा समूह के सहयोग से स्थापित असम कैंसर केयर फाउंडेशन के माध्यम से राज्यभर में कैंसर उपचार का एक व्यापक नेटवर्क तैयार किया गया है। इससे मरीजों को राज्य के भीतर ही विश्वस्तरीय उपचार सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।
उन्होंने विद्यालयों में गठित स्वास्थ्य क्लबों की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता का विकास स्कूली स्तर से ही होना चाहिए। मंत्री ने असम को देश के सबसे आधुनिक और उन्नत स्वास्थ्य सेवा तंत्र वाले राज्यों में शामिल करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
अशोक सिंघल ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार लगातार बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में तेजी से विकास सुनिश्चित करने के लिए सीएसआर भागीदारी की आवश्यकता है। उन्होंने प्रौद्योगिकी कंपनियों, चिकित्सा उपकरण निर्माताओं, निवेशकों, शैक्षणिक संस्थानों और स्टार्ट-अप्स से असम के स्वास्थ्य क्षेत्र के परिवर्तनकारी अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने विभिन्न संस्थानों और संगठनों के सीएसआर प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श कर सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।
इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के आयुक्त-सचिव डॉ. सिद्धार्थ सिंह, सीएसआरए असम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नरेंद्र शाह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन असम के मिशन निदेशक डॉ. लक्ष्मणन एस., चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. मनोज कुमार चौधरी सहित देश के विभिन्न अग्रणी कॉर्पोरेट समूहों, सार्वजनिक उपक्रमों, स्वास्थ्य सेवा विशेषज्ञों, प्रौद्योगिकी कंपनियों और निवेश संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में नवाचार, निवेश और साझेदारी की नई संभावनाओं की खोज के साथ-साथ पूर्वोत्तर के स्वास्थ्य क्षेत्र के समग्र विकास के लिए एक मजबूत सहयोगात्मक मंच तैयार करने पर विशेष बल दिया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

