home page

असम बाढ़ : एनडीआरएफ ने गले तक पानी में फंसी युवती समेत पांच लोगों को बचाया

 | 
असम बाढ़ : एनडीआरएफ ने गले तक पानी में फंसी युवती समेत पांच लोगों को बचाया


जोरहाट (असम), 21 जुलाई (हि.स.)। असम के जोरहाट जिले में बाढ़ के बीच राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम ने साहस और त्वरित कार्रवाई का परिचय देते हुए पांच लोगों की जान बचाई। टियक रेवेन्यू सर्कल के सेलेंग टी एस्टेट के निकट सेलेंग घाट के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में चलाए गए विशेष बचाव अभियान के दौरान गले तक पानी में फंसी एक युवती, तेज बहाव में बह रहे एक व्यक्ति तथा तीन महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इनमें एक बुजुर्ग महिला की हालत गंभीर थी, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल भेजा गया।

प्रथम बटालियन एनडीआरएफ ने मंगलवार को बताया कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), जोरहाट से सूचना मिलने के बाद डेप्यूटी कमांडेंट एन.के. तिवारी के पर्यवेक्षण और इंस्पेक्टर के.बी. नाथ के नेतृत्व में एक विशेष बचाव दल को सोमवार शाम सेलेंग घाट के बाढ़ प्रभावित इलाके में तैनात किया गया। टीम ने शाम करीब 7:35 बजे खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया, जो देर रात तक जारी रहा।

अभियान के दौरान बचाव दल को पास के एक जलमग्न घर से मदद के लिए चीखने की आवाज सुनाई दी। टीम तुरंत मौके पर पहुंची तो देखा कि एक युवती घर की छत के बांस के सहारे किसी तरह खुद को बचाए हुए थी। बाढ़ का पानी उसके गले तक पहुंच चुका था और उसका सिर छत से सटा हुआ था। कुछ देर और पानी बढ़ता तो उसकी जान पर गंभीर खतरा मंडरा सकता था। एनडीआरएफ के जवानों ने बिना समय गंवाए युवती तक पहुंचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

इसी दौरान बचाव दल की नजर तेज बहाव में बह रहे एक व्यक्ति पर पड़ी, जो केले के तने का सहारा लेकर किसी तरह खुद को पानी की सतह पर बनाए रखने की कोशिश कर रहा था। जवानों ने तत्काल रेस्क्यू बोट की मदद से उसके पास पहुंचकर उसे भी सुरक्षित निकाल लिया।

बचाए जाने के बाद युवती ने एनडीआरएफ को बताया कि पास में तीन महिलाएं और फंसी हुई हैं, जो तेज बहाव के बीच केले के पेड़ों को पकड़कर अपनी जान बचाने का प्रयास कर रही हैं। सूचना मिलते ही टीम ने तुरंत तलाशी अभियान चलाया और तीनों महिलाओं को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

इनमें एक बुजुर्ग महिला लंबे समय तक ठंडे बाढ़ के पानी में रहने के कारण हाइपोथर्मिया (शरीर का तापमान सामान्य से काफी कम हो जाना) की शिकार हो गई थीं। एनडीआरएफ के चिकित्सकीय दल ने मौके पर ही उन्हें प्राथमिक उपचार (पीएचटी) उपलब्ध कराया। इसके बाद सभी पांचों लोगों को सुरक्षित राहत केंद्र पहुंचाया गया, जहां से बुजुर्ग महिला को आगे के उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

एनडीआरएफ ने बताया कि समय पर मिली सूचना, बचाव दल की त्वरित कार्रवाई, पेशेवर दक्षता और विषम परिस्थितियों में दिखाए गए साहस के कारण एक बड़ी त्रासदी टल गई। अभियान के दौरान टीम ने अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पांच लोगों की जान बचाकर अपनी प्रतिबद्धता और दक्षता का परिचय दिया।

एनडीआरएफ के अनुसार, जोरहाट जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के साथ समन्वय और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और उन्हें राहत शिविरों तक पहुंचाने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है।------------

हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय