एनडीआरएफ ने पद्मश्री सम्मानित डॉ. जोगेश देउरी और नूरुद्दीन अहमद को किया सम्मानित
गुवाहाटी, 11 सितंबर (हि.स.)। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की प्रथम बटालियन ने पाटगांव स्थित मुख्यालय परिसर में शुक्रवार को पद्मश्री से सम्मानित असम की दो विशिष्ट हस्तियों डॉ. जोगेश देउरी और नूरुद्दीन अहमद के सम्मान में समारोह आयोजित किया। समारोह का उद्देश्य कृषि, कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले दोनों पद्मश्री पुरस्कार विजेताओं के प्रति सम्मान व्यक्त करना तथा उनके प्रेरणादायक कार्यों को एनडीआरएफ के अधिकारियों और बचावकर्मियों तक पहुंचाना था।
प्रथम बटालियन के कमांडेंट एबीके सिंह ने दोनों अतिथियों का स्वागत करते हुए उन्हें पारंपरिक असमिया गमछा और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान दोनों विभूतियों के जीवन, संघर्ष और समाज के प्रति योगदान पर आधारित वृत्तचित्र भी प्रस्तुत किया गया।
डॉ. जोगेश देउरी को कृषि क्षेत्र में उनके नवाचार, अनुसंधान तथा किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों के लिए सराहा गया। वहीं, नूरुद्दीन अहमद को असम की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और प्रचार-प्रसार में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
दोनों पद्मश्री पुरस्कार विजेताओं ने एनडीआरएफ कर्मियों के साथ अपने जीवन के अनुभव साझा किए और सफलता के लिए निस्वार्थ सेवा, धैर्य तथा अनुशासन के महत्व पर जोर दिया। कमांडेंट ए.बी.के. सिंह ने कहा कि यह समारोह केवल पुरस्कारों का सम्मान नहीं, बल्कि समर्पण और जनसेवा की भावना को सम्मानित करने का अवसर है।
समारोह में वरिष्ठ अधिकारी, अधीनस्थ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में एनडीआरएफ के बचावकर्मी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में दोनों सम्मानित अतिथियों ने एनडीआरएफ परिसर में पौधरोपण किया। इस पहल के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण तथा हरित एवं टिकाऊ परिसर के निर्माण का संदेश दिया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

