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अरुणाचल: नेशनल स्पेस दिवस मनाया

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अरुणाचल: नेशनल स्पेस दिवस मनाया


इटानगर, 20 अगस्त (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री चौना मेन ने नामसाई में 'नेशनल स्पेस दिवस 2026' के कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम का आयोजन अरुणाचल प्रदेश स्पेस एप्लीकेशन सेंटर और नॉर्थ ईस्टर्न स्पेस एप्लीकेशन सेंटर ने मिलकर किया था।

इस कार्यक्रम में छात्र, वैज्ञानिक, अधिकारी और गणमान्य लोग एक साथ आए। इसका मकसद स्पेस साइंस और टेक्नोलॉजी में भारत की शानदार तरक्की का जश्न मनाना और अरुणाचल प्रदेश व पूर्वोत्तर के विकास में स्पेस एप्लीकेशन की बढ़ती अहमियत को उजागर करना था।

इस मौके पर बोलते हुए मेन ने कहा कि भारत का स्पेस प्रोग्राम मुख्य रूप से खोज पर केंद्रित एक प्रयास से आगे बढ़कर राष्ट्र-निर्माण और नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने का एक शक्तिशाली साधन बन गया है।

उन्होंने कहा कि सैटेलाइट-आधारित टेक्नोलॉजी, रिमोट सेंसिंगऔर अन्य स्पेस एप्लीकेशन आपदा प्रबंधन, कृषि, प्राकृतिक संसाधनों की मैपिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग, पर्यावरण की निगरानी और गवर्नेंस में तेजी से योगदान दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश के लिए स्पेस टेक्नोलॉजी का महत्व खास तौर पर ज्यादा है, क्योंकि इसका भौगोलिक क्षेत्र बहुत बड़ा है, इलाका मुश्किल है, प्राकृतिक संसाधन भरपूर हैं और यहां भूकंप, भूस्खलन, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक खतरों का खतरा बना रहता है।

उन्होंने कहा कि स्पेस-आधारित टेक्नोलॉजी का ज्यादा इस्तेमाल प्लानिंग को मजबूत कर सकता है, आपदा की तैयारी को बेहतर बना सकता है, प्राकृतिक संसाधनों के टिकाऊ प्रबंधन में मदद कर सकता है और विकास कार्यों को ज्यादा कुशलता से पूरा करने में सक्षम बना सकता है।

उप मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में छात्रों की भागीदारी और इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) के वैज्ञानिकों के साथ उनकी बातचीत की सराहना की। उन्होंने कहा, इस तरह के अनुभव से युवाओं को स्पेस साइंस के व्यावहारिक इस्तेमाल को समझने का मौका मिलता है, साथ ही उनमें जिज्ञासा, वैज्ञानिक सोच और इनोवेशन को बढ़ावा मिलता है।

मेन ने कहा कि छात्रों का उत्साह हौसला बढ़ाने वाला था और 'नेशनल स्पेस डे' जैसे कार्यक्रम युवा दिमागों को स्पेस साइंस में भारत की उपलब्धियों से जोड़ने के लिए एक अहम मंच प्रदान करते हैं।

उन्होंने कहा कि इसरो, एपीएसएसी और एनईएसएसी जैसे संस्थानों के साथ लगातार जुड़ाव से अरुणाचल प्रदेश के और अधिक छात्रों को साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और संबंधित क्षेत्रों में शिक्षा और करियर बनाने के लिए प्रेरित करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने पूर्वोत्तर तक स्पेस टेक्नोलॉजी के फायदे पहुंचाने में एपीएसएसी और एनईएसएसी के अहम योगदान पर भी प्रकाश डाला और कहा कि रिसोर्स मैपिंग, कृषि, आपदा प्रबंधन, इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग और पर्यावरण की निगरानी जैसे क्षेत्रों में उनके काम में राज्य की विकास प्राथमिकताओं को समर्थन देने की काफी क्षमता है। इस कार्यक्रम में विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री दासांगलू पुल, नामसाई के विधायक चाऊ ज़िंगनू नामचूम के साथ-साथ वैज्ञानिक, अन्य अधिकारी, छात्र और अन्य प्रतिभागी भी शामिल हुए।

हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी