असम में राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस का आयोजन, ईमानदारी व निष्पक्षता पर जोर
गुवाहाटी, 21 अप्रैल (हि.स.)। असम प्रशासनिक स्टाफ कॉलेज में मंगलवार को राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस 2026 का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन असम सरकार के कार्मिक विभाग तथा प्रशासनिक सुधार, प्रशिक्षण, पेंशन एवं लोक शिकायत विभाग द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में असम के मुख्य सचिव डॉ. रवि कोटा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में सिविल सेवा दिवस के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह दिन शासन में सिविल सेवकों की भूमिका पर चिंतन का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माताओं ने सिविल सेवाओं को शासन में एकता, अखंडता और निरंतरता सुनिश्चित करने वाली संस्था के रूप में परिकल्पित किया था।
संवैधानिक व्यवस्था का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सिविल सेवा प्रणाली मेरिट, निष्पक्षता, संस्थागत ईमानदारी और जवाबदेही के सिद्धांतों पर आधारित है। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल के विचारों का उल्लेख करते हुए स्वतंत्र और निष्पक्ष सिविल सेवा की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही डॉ. भीमराव आंबेडकर के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने लोक सेवा आयोग जैसी संस्थाओं के माध्यम से नियम आधारित और मेरिट आधारित प्रणाली को स्थापित किया।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकारें बदल सकती हैं, लेकिन सिविल सेवकों की भूमिका स्थायी रहती है। उन्होंने अधिकारियों से अपने कर्तव्यों के निर्वहन में पेशेवरिता, निष्पक्षता और संवैधानिक मूल्यों के पालन पर बल देने का आह्वान किया।
मुख्य सचिव ने कहा कि सिविल सेवाएं एक समन्वित प्रणाली के रूप में कार्य करती हैं, जिसमें सभी की भूमिकाएं परस्पर जुड़ी होती हैं। उन्होंने पदस्थापन और कैरियर प्रगति से जुड़े मुद्दों पर कहा कि अधिकारियों को पदों की धारणा से अधिक सेवा और जिम्मेदारियों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि वास्तविक संतुष्टि जनसेवा के प्रति समर्पण से मिलती है।
उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक सेवा में निरंतर प्रयास और प्रतिबद्धता की आवश्यकता होती है तथा चुनौतीपूर्ण कार्य सीखने और सुधार के अवसर प्रदान करते हैं। बदलते शासन परिदृश्य के अनुरूप खुद को ढालने और कार्यान्वयन तथा परिणामों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर भी उन्होंने जोर दिया।
अंत में उन्होंने अधिकारियों से अपने कर्तव्यों के निर्वहन में ईमानदारी, निष्पक्षता, साहस और चरित्र के मूल्यों को बनाए रखने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विशेष मुख्य सचिव एमके यादव, अतिरिक्त मुख्य सचिव मुकेश साहू, प्रधान सचिव जीडी त्रिपाठी, आयुक्त एवं सचिव एमएस मणिवन्नन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

