नामेरी टाइगर रिजर्व को सीएटीएस अप्रूव्ड का दर्जा, असम के सभी चार टाइगर रिजर्व अब प्रमाणित
शोणितपुर (असम), 08 अक्टूबर (हि.स.)। नामेरी टाइगर रिजर्व को बाघ संरक्षण और संरक्षित क्षेत्र प्रबंधन के निर्धारित मानकों को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद कंजर्वेशन एश्योर्ड टाइगर स्टैंडर्ड्स (सीएटीएस) के तहत सीए|टीएस अप्रूव्ड का दर्जा प्रदान किया गया है।
इस उपलब्धि के साथ ही असम के सभी चार टाइगर रिजर्व—काजीरंगा, मानस, ओरंग और नामेरी—अब सीएटीएस अप्रूव्ड हो गए हैं। नामेरी को यह दर्जा 10 सितंबर, 2026 को निर्धारित मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी होने और सीएटीएस अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी समिति की मंजूरी के बाद प्रदान किया गया।
सीएटीएस बाघ संरक्षण और संरक्षित क्षेत्रों के प्रभावी प्रबंधन के आकलन के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त मानक है। इसके तहत वन्यजीव संरक्षण, आवास प्रबंधन, वैज्ञानिक निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासन, स्थानीय समुदायों की भागीदारी और समग्र प्रबंधन प्रभावशीलता जैसे विभिन्न पहलुओं का मूल्यांकन किया जाता है।
नामेरी टाइगर रिजर्व को यह मान्यता वहां संरक्षण, सुरक्षा, वैज्ञानिक निगरानी, आवास प्रबंधन और संरक्षण योजनाओं को मजबूत करने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों को दर्शाती है। इस उपलब्धि में वन अधिकारियों, अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों तथा संरक्षण कार्य से जुड़े अन्य हितधारकों के योगदान को भी मान्यता मिली है।
ब्रह्मपुत्र के उत्तरी तट पर स्थित नामेरी टाइगर रिजर्व महत्वपूर्ण बाघ संरक्षण क्षेत्र है। यह आसपास के वन क्षेत्रों, अरुणाचल प्रदेश के पहाड़ी वनों और व्यापक ब्रह्मपुत्र घाटी के पारिस्थितिक परिदृश्य के साथ महत्वपूर्ण संपर्क बनाए रखता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

