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नगांव उपचुनाव: कांग्रेस ने जिला निर्वाचन अधिकारी को हटाने की मांग की

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नगांव उपचुनाव: कांग्रेस ने जिला निर्वाचन अधिकारी को हटाने की मांग की


नगांव (असम), 23 सितंबर (हि.स.)। नगांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान सामागुड़ी में कथित काफिला हमले को लेकर असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भारत निर्वाचन आयोग का रुख किया है। कांग्रेस ने नगांव के जिला आयुक्त-सह-जिला निर्वाचन अधिकारी को चुनाव संबंधी जिम्मेदारियों से हटाने की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि संभावित हमले को लेकर बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद जिला प्रशासन ने पर्याप्त कार्रवाई नहीं की।

कांग्रेस ने 23 सितंबर को भेजे अपने पत्र में 21 सितंबर को बोरमा बाजार इलाके में हुई घटना को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी की 22 सितंबर के बयान पर आपत्ति जताई है। पार्टी के अनुसार, वरिष्ठ कांग्रेस नेता रकीबुल हुसैन ने जिला आयुक्त, नगांव के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तथा अन्य अधिकारियों को अभियान के दौरान संभावित सुरक्षा खतरे की जानकारी दी थी।

कांग्रेस का दावा है कि हुसैन ने पूर्व छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अन्य वरिष्ठ नेताओं के प्रस्तावित दौरे की भी अधिकारियों को जानकारी दी थी। पार्टी ने आरोप लगाया कि बरमा बाजार के आसपास पत्थर और अन्य सामग्री जमा किए जाने की सूचना भी प्रशासन को दी गई थी। कांग्रेस के अनुसार, जिला आयुक्त ने पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था किए जाने का आश्वासन दिया था। हुसैन ने सुरक्षा को लेकर नगांव के एसएसपी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रोजी तालुकदार से भी कई बार बातचीत की थी।

कांग्रेस का आरोप है कि इन चेतावनियों के बावजूद चुनावी सभा में जाते समय उसके काफिले पर हमला किया गया। पार्टी ने प्रशासन के उस दावे पर भी सवाल उठाया है, जिसमें घटना को दो समूहों के बीच अचानक हुए टकराव के बाद की स्थिति बताया गया था। कांग्रेस के अनुसार, वाहनों पर पत्थर, अंडे और बोतलें फेंकी गईं।

पार्टी ने दावा किया कि इस घटना में एआईसीसी सचिव मनोज चौहान और असम प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष मीरा बरठाकुर घायल हुए, जबकि कई वाहनों को नुकसान पहुंचा।

हालांकि, नगांव जिला प्रशासन ने घटना का अलग विवरण दिया है। प्रशासन के अनुसार, कांग्रेस के जुलूस के दौरान बरमा तीनाली में दो समूहों के बीच अचानक झड़प हुई और इसके बाद पत्थर तथा अंडे फेंके गए। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। नगांव पुलिस ने घटना में कथित रूप से शामिल लोगों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू की है।

कांग्रेस ने जिला निर्वाचन अधिकारी के इस कथित बयान पर भी आपत्ति जताई कि घटना के पीछे कोई स्पष्ट नेता नहीं था। पार्टी ने भाजपा नेता मुजीबुर रहमान पर हमले में प्रमुख भूमिका निभाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि हबीबुर रहमान नामक एक व्यक्ति को उसके कार्यकर्ताओं ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया था, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया।

पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि सभा से लौटते समय कांग्रेस नेताओं के काफिले को दोबारा निशाना बनाने का प्रयास किया गया।

कांग्रेस ने नगांव जिला निर्वाचन तंत्र की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए निर्वाचन आयोग से घटना की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। पार्टी ने निर्वाचन आयोग के पर्यवेक्षकों अथवा किसी अन्य उपयुक्त तंत्र के माध्यम से जांच कराने तथा नगांव जिला आयुक्त को चुनाव संबंधी जिम्मेदारियों से तत्काल हटाकर किसी अन्य वरिष्ठ अधिकारी को शेष चुनाव प्रक्रिया की जिम्मेदारी सौंपने का अनुरोध किया है।

कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग को जिला निर्वाचन अधिकारी की 22 सितंबर के बयान के साथ घटना के वीडियो फुटेज, क्षतिग्रस्त वाहनों की तस्वीरें तथा घायलों की तस्वीरें और चिकित्सा दस्तावेज भी उपलब्ध कराने की बात कही है। बयान की प्रतियां असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी, नगांव उपचुनाव के लिए तैनात चुनाव पर्यवेक्षकों और रिटर्निंग अधिकारी को भी भेजी गई हैं।

नगांव लोकसभा सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है। 21 सितंबर की घटना चुनाव प्रचार के दौरान हुई। कांग्रेस ने हमले के पीछे भाजपा समर्थकों का आरोप लगाया है, जबकि असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने टकराव को कांग्रेस के भीतर के मतभेदों से जोड़कर बताया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश