होलोंगी गोलीबारीः असम के विधायक उत्पल बोरा ने किया घटना स्थल का दौरा
इटानगर, 27 अक्टूबर (हि.स.)। असम के गोहपुर निर्वाचन क्षेत्र के विधायक उत्पल बोरा ने अरुणाचल प्रदेश पुलिस विभाग से आग्रह किया है कि वे असम पुलिस को उस आरोपित का पता लगाने और मामले की जांच में मदद करे, जिसने सोमवार की देर शाम होलोंगी के पास असम-अरुणाचल सीमा पर स्थित कुकुरजान गांव में एक पारिवारिक विवाद के दौरान एक व्यक्ति की हत्या कर दी।
घटनास्थल का आज दौरा करने और पीड़ित परिवार से बातचीत करने के बाद, विधायक ने कहा कि यह एक निंदनीय कृत्य है। आरोपित ने न केवल अपने साले की हत्या की, बल्कि उनके घर पर एक अन्य व्यक्ति को घायल भी कर दिया।
आरोपित की पहचान पश्चिम सियांग जिले के रहने वाले केनबा कामी के रूप में हुई है, जो फिलहाल फरार है। असम पुलिस ने उसे खोजने और गिरफ्तार करने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। इसी सिलसिले में उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के गृह विभाग से आरोपित का पता लगाने में मदद मांगी है। उन्होंने आम जनता से भी अपील की है कि वे आरोपित को पकड़ने में पुलिस की मदद करें।
घटना के बाद, गोरखा समुदाय के लोग होलोंगी चाराली में सोमवार की रात एकत्र होकर लोकतांत्रिक तरीके से हत्या का विरोध किया था। हालांकि, असम जिला प्रशासन के सुझाव पर उन्होंने शांति बनाए रखी। विधायक ने कहा कि अब हमारी जिम्मेदारी है कि हम आरोपित को खोजें और कानून के अनुसार उसे सजा दिलाएं।
पापुम पारे के पुलिस अधिक्षक तारू गुसर के अनुसार, आरोपित की पहचान 42 वर्षीय केनबा कामी के रूप में हुई है, जो अरुणाचल प्रदेश के वेस्ट सियांग जिले के अलोंग ईस्ट पन्या का रहने वाला है। वह राजगढ़ नंबर 2 लखीमपुर में अपने ससुराल गया था, ताकि अपनी पत्नी देवा कुमारी सुब्बा को वापस ले जा सके, जो पिछले 2 महीनों से उसके साथ जाने से इनकार कर रही थी।
बहस बढ़ने पर केनबा कामी ने देसी पिस्तौल से गोली चला दी, जिसमें देवा कुमारी सुब्बा के भाई प्रदीप सुब्बा (32) घायल हो गए। हालांकि, बाद में प्रदीप सुब्बा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका दूसरा भाई, राज सुब्बा गंभीर रूप से घायल हो गये। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिवार के सदस्यों पर हमला करने के बाद आरोपित मौके से फरार हो गया। देवा कुमारी सुब्बा ने बताया कि उनकी शादी 6 साल पहले कनाबा कामी से हुई थी। आरोपित पति उन्हें अक्सर शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता था। इतना ही नहीं, आरोपित ने उनकी 7 महीने की बच्ची को भी अरुणाचल प्रदेश के किसी दूसरे परिवार को बेच दिया था।
इस घटना की जानकारी मिलते ही, गोहपुर पुलिस के नेतृत्व में राजगढ़ और गोहपुर थाने की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई देसी पिस्तौल बरामद कर ली है और फरार आरोपित की तलाश जारी है।
हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी

