जागीरोड में मंत्री पीयूष ने किया सीएम-एएए लाभार्थियों से संवाद
मोरीगांव (असम), 25 अगस्त (हि.स.)। असम के कृषि, सिंचाई एवं संसदीय कार्य मंत्री पीयूष हजारिका ने मंगलवार को जागीरोड में मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर असम अभियान (सीएम-एएए) के 1,000 से अधिक लाभार्थियों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने योजना के तहत स्थापित उद्यमों की जमीनी प्रगति की समीक्षा की।
मंत्री ने लाभार्थियों को पारंपरिक व्यापार के साथ-साथ मुर्गीपालन, सूअर पालन, मत्स्य पालन, बागवानी और बहुफसली खेती जैसे उत्पादन आधारित क्षेत्रों पर अधिक ध्यान देने की अपील की। उन्होंने उद्योग विभाग से कृषि एवं उत्पादन गतिविधियों से जुड़े लाभार्थियों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर खाद्य उत्पादों का उत्पादन बढ़ाना असम को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आवश्यक है।
हजारिका ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में शुरू किया गया सीएम-एएए युवाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और टिकाऊ उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि प्रारंभिक वित्तीय सहायता का उचित उपयोग नहीं करने वाले लाभार्थियों को आगे की किस्तों से वंचित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकारी धन का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के लिए ही किया जाना चाहिए।
मंत्री ने युवाओं से खाली पड़ी जमीन का उपयोग आय के स्रोत के रूप में करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग अगले वर्ष बड़े पैमाने पर पौध वितरण अभियान शुरू करेगा, जिसमें नारियल, सुपारी, अमरूद, लीची और एप्पल बेर जैसी व्यावसायिक फलों की किस्मों के पौधे वितरित किए जाएंगे।
उन्होंने मखाना की खेती की आय क्षमता का भी उल्लेख किया और इच्छुक किसानों को विभाग की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। साथ ही, मंत्री ने मोरीगांव के जिला कृषि अधिकारी को पूरे जिले में व्यापक जागरूकता शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया, ताकि इच्छुक उद्यमी कृषि अवसंरचना कोष के माध्यम से कृषि आधारित व्यवसाय स्थापित करने के लिए उपलब्ध सहायता का लाभ उठा सकें।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

