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सिंचाई परियोजनाओं और बाढ़ राहत उपायों की मंत्री पीयूष हजारिका ने की समीक्षा, प्रभावित किसानों को जल्द सहायता देने के निर्देश

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सिंचाई परियोजनाओं और बाढ़ राहत उपायों की मंत्री पीयूष हजारिका ने की समीक्षा, प्रभावित किसानों को जल्द सहायता देने के निर्देश


गुवाहाटी, 28 जुलाई (हि.स.)। असम के कृषि, सिंचाई एवं संसदीय कार्य मंत्री पीयूष हजारिका ने मंगलवार को जनता भवन में सिंचाई और कृषि विभाग की प्रमुख योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए दो अलग-अलग बैठकें कीं।

सिंचाई विभाग की बैठक में मंत्री ने बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं, विशेष रूप से प्रस्तावित असम इंटीग्रेटेड रेजिलिएंट एंड रिलायबल इरिगेशन फॉर ग्रोथ एंड एग्रीकल्चर ट्रांसफॉर्मेशन परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में सिंचाई अवसंरचना के आधुनिकीकरण और विस्तार की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि असम की 27.46 लाख हेक्टेयर की संभावित सिंचाई क्षमता का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

कृषि विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री ने चराईदेव, शिवसागर, जोरहाट और गोलाघाट जिलों के बाढ़ प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को धान के बीज और पौध (कथिया) समय पर उपलब्ध कराए जाएं तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के तहत पात्र किसानों को शीघ्र लाभ प्रदान किया जाए।

मंत्री ने कृषि विभाग के वरिष्ठतम् सचिव को बुधवार को बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा कर राहत कार्यों की निगरानी करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि असम विधानसभा के बजट सत्र की समाप्ति के बाद वह स्वयं भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों की जमीनी स्थिति का जायजा लेंगे।

पीयूष हजारिका ने कहा कि सिंचाई अवसंरचना में निरंतर निवेश और किसानों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने से असम का कृषि क्षेत्र अधिक मजबूत और आपदा के प्रति अधिक सक्षम बनेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश