(अपडेट) तामुलपुर में 70 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाओं की घोषणा
तामुलपुर (असम), 02 अगस्त (हि.स.)। असम के कृषि एवं सिंचाई विभाग के मंत्री पीयूष हजारिका ने बुधवार को तामुलपुर जिले में सिंचाई व्यवस्था का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ युवाओं को व्यावसायिक एवं उच्च गुणवत्ता वाली कृषि की ओर प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।
कैबिनेट मंत्री एवं स्थानीय विधायक विश्वजीत दैमारी के साथ मंत्री हजारिका ने सुवनखाटा स्थित मानस चौकी का दौरा कर भूटान की पहाड़ियों से बहकर आने वाली पगलादिया नदी के पानी के उपयोग से प्रस्तावित एक बड़े कैनाल सिंचाई परियोजना की संभावनाओं की समीक्षा की। उन्होंने करीब 70 करोड़ रुपये की लागत से नई सिंचाई परियोजना विकसित करने की घोषणा की। प्रस्तावित परियोजना से लगभग 1,800 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने की उम्मीद है। इसके तहत मिनी रिजर्वायर, एक्वाडक्ट के निर्माण तथा मौजूदा स्लुइस गेट की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के राज्य की अधिकतम कृषि भूमि को सिंचाई के दायरे में लाने के दृष्टिकोण के अनुरूप कार्य किया जा रहा है। तमुलपुर क्षेत्र में प्रस्तावित सभी सिंचाई योजनाएं पूरी होने के बाद करीब 8,000 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचाई के दायरे में आ जाएगी। इससे किसानों को वर्ष में तीन फसलें लेने में मदद मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने दरंगा नदी पर स्थित हाथीडूबा सिंचाई ढांचे की भी समीक्षा की और संबंधित अभियंताओं को इसे शीघ्र कार्यशील बनाने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने कालानदी सिंचाई योजना का निरीक्षण कर इसके विस्तार का आश्वासन दिया। तामुलपुर शहर के समीप बरलिया नदी की नहर सिंचाई व्यवस्था तथा बगामाटी में बरनदी परियोजना का भी जायजा लिया।
मंत्री हजारिका ने कहा कि पूरे तामुलपुर जिले की सिंचाई जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर परियोजना विकसित करने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। इसके लिए भूटान के अंदरूनी हिस्सों से जल लाने के विकल्पों का विभाग द्वारा अध्ययन किया जाएगा।
इस दौरान मंत्री ने प्रगतिशील किसान दैमालु बसुमतारी के चेसापानी स्थित कृषि फार्म का भी दौरा किया। बसुमतारी पांच बीघा भूमि पर ड्रैगन फ्रूट और छह बीघा भूमि पर सुपारी की खेती कर वर्तमान में करीब 5 लाख रुपये वार्षिक आय अर्जित कर रहे हैं। अगले पांच वर्षों में 11 बीघा भूमि से वार्षिक आय को बढ़ाकर करीब 15 लाख रुपये करने के उनके लक्ष्य की मंत्री ने सराहना की।
मंत्री हजारिका ने दैमालु बसुमतारी को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि युवाओं को केवल सरकारी या निजी नौकरी के पीछे न भागकर व्यावसायिक कृषि को भी रोजगार और आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बनाना चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार इस क्षेत्र में हरसंभव विभागीय सहयोग उपलब्ध कराएगी।
अपने दौरे के दौरान मंत्री पीयूष हजारिका ने सेसापानी स्थित बीटीसी विधानसभा के दिवंगत उपाध्यक्ष बिजित गौरा नार्जारी के आवास पर पहुंचकर शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की और गहरी संवेदना व्यक्त की।
हिन्दुस्थान समाचार / किशोर मिश्रा

