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मंत्री बिश्वजीत दैमारी ने रोजगार और कौशल विकास पहलों की समीक्षा की

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मंत्री बिश्वजीत दैमारी ने रोजगार और कौशल विकास पहलों की समीक्षा की


गुवाहाटी, 23 सितंबर (हि.स.)। असम के कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता तथा खेल, युवा कल्याण एवं सशक्तीकरण मंत्री बिश्वजीत दैमारी ने बुधवार को जनता भवन स्थित मंत्री कार्यालय में आयोजित विभिन्न बैठकों में रोजगार, कौशल विकास, युवा सशक्तीकरण और विरासत संरक्षण से जुड़ी पहलों की समीक्षा की।

पहली बैठक में कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता विभाग के तहत रोजगार एवं शिल्पकार प्रशिक्षण निदेशालय (डीईसीटी), असम के रोजगार प्रकोष्ठ के कामकाज की समीक्षा की गई। बैठक में तत्कालीन खेल एवं युवा कल्याण विभाग के विभाजन तथा विभाग के पुनर्गठन से संबंधित विषयों पर भी चर्चा हुई। एनसीसी, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स तथा असम युवा आयोग के प्रतिनिधियों के साथ युवाओं के सशक्तीकरण के लिए एकीकृत ढांचा विकसित करने पर विचार-विमर्श किया गया।

इसके बाद हुई बैठकों में डीईसीटी और विभिन्न संगठनों के बीच जारी समझौता ज्ञापनों (एमओयू) की स्थिति तथा कौशल और रोजगार क्षेत्र में नए तरीकों और साझेदारियों की संभावनाओं की समीक्षा की गई।

बैठक में एक नए बाह्य सहायता प्राप्त परियोजना (ईएपी) के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इसके तहत गुवाहाटी में ग्लोबल स्किल सेंटर तथा सिलचर, बंगाईगांव और डिब्रूगढ़ में सैटेलाइट ग्लोबल स्किल सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया। इसके अलावा हब-एंड-स्पोक मॉडल के माध्यम से असम के करीब 800 स्कूलों में फ्यूचर स्किल्स शुरू करने, आईटीआई को मजबूत करने, प्रशिक्षण, मूल्यांकन एवं प्रमाणन सुविधाओं तथा संकाय और प्रशिक्षकों की क्षमता बढ़ाने से संबंधित प्रस्तावों पर भी विचार किया गया।

स्वदेशी एवं जनजातीय आस्था और संस्कृति विभाग के तहत हुई अंतिम बैठक में ‘ओइतिज्यो – म्यूजियम फेस्टिवल 2026’ के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। इसका उद्देश्य संग्रहालय आधारित गतिविधियों और जनभागीदारी के माध्यम से असम की समृद्ध स्वदेशी विरासत, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना है।

बैठक में गोलाघाट जिले के देवपर्वत पुरातात्विक स्थल तथा शोणितपुर जिले के गढ़ दौल और श्री श्री गुप्तेश्वर देवालय पुरातात्विक स्थल के संरक्षण एवं विकास से जुड़े प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा रंगपुर-शिवसागर ऐतिहासिक समूह को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के लिए तैयार की जा रही कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई।

मंत्री ने विभिन्न कार्यक्रमों और पहलों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने की आवश्यकता भी रेखांकित की।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश