कोकराझार में महिला एवं बाल विकास योजनाओं की समीक्षा, मंत्री अजंता नेओग ने दिए प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश
कोकराझार (असम), 29 सितम्बर (हि.स.)। असम सरकार की महिला एवं बाल विकास एवं पर्यटन मंत्री अजंता नेओग ने मंगलवार को कोकराझार जिले का दौरा कर महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा की।
दौरे के दौरान मंत्री ने कोकराझार के डिमलगांव में महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत निर्माणाधीन कामकाजी महिला छात्रावास का निरीक्षण किया। निर्माण कार्य लगभग पूरा होने की स्थिति में है। मंत्री ने परियोजना की वर्तमान स्थिति का जायजा लेते हुए शेष कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने जिले में निर्माणाधीन विभागीय जिला कार्यालय भवन का भी निरीक्षण किया और निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को शेष कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।
इसके बाद कोकराझार जिला आयुक्त कार्यालय के सम्मेलन कक्ष में विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधायक सेउली मोहिलारी, विधायक रुपम चंद्र राय, विधायक अशराफुल इस्लाम शेख, बीटीसी के महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यकारी सदस्य प्रकाश बसुमतारी, बीटीसी सचिव पामी ब्रह्म, कोकराझार के जिला आयुक्त पंकज चक्रवर्ती, अतिरिक्त जिला आयुक्तों, संयुक्त निदेशक-सह-सीएचडी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारियों सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जिला आयुक्त ने मंत्री का स्वागत करते हुए जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग को मजबूत करने तथा विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में उनके निरंतर प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया।
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने जिले में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्रों की प्रगति, मौजूदा आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन, आईसीडीएस परियोजनाओं तथा महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ तथा ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
मंत्री ने विभाग में रिक्त पदों को जल्द से जल्द योग्यता एवं मेरिट के आधार पर भरने के निर्देश दिए, ताकि विभागीय सेवाओं को और मजबूत किया जा सके तथा सभी स्तरों पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो।
बैठक को संबोधित करते हुए अजंता नेओग ने महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों के बीच पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने स्वस्थ खान-पान की आदतों और बेहतर स्वास्थ्य संबंधी व्यवहार को बढ़ावा देने की बात कही।
मंत्री ने समाज को प्रभावित करने वाले विभिन्न सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया। इनमें डायन-बिसाही के नाम पर हिंसा, घरेलू हिंसा तथा बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) से जुड़े मामलों सहित अन्य सामाजिक विषय शामिल हैं।
अजंता नेओग ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए राज्य सरकार, बीटीसी प्रशासन और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों से आपसी तालमेल के साथ कार्य करने पर जोर दिया।
हिन्दुस्थान समाचार / किशोर मिश्रा

