कम से कम सरकार और ज़्यादा से ज़्यादा शासन - मंत्री मामा नाटुंग
इटानगर, 14 अक्टूबर (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश के गृह मंत्री मामा नाटुंग ने आज इटानगर के दोरजी खांडू कन्वेंशन सेंटर में अरुणाचल प्रदेश सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित 'चिंतन शिविर' को संबोधित करते हुए कहा, कम से कम सरकार और ज़्यादा से ज़्यादा शासन ही अच्छे शासन का मुख्य सिद्धांत होना चाहिए। वे इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होते हुए उपरोक्त बातें कहीं।
नाटुंग ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भले ही अलग-अलग सरकारी विभागों के काम अलग-अलग हों, लेकिन उनका अंतिम मकसद एक ही होता है - लोगों का कल्याण। उन्होंने बताया कि मौजूदा सरकार 'बहस, चर्चा, फ़ैसला और अमल के मंत्र पर काम करती है।
संबंधित विभागों के बीच असरदार बातचीत, तालमेल और सहयोग के महत्व पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए मिल-जुलकर काम करना ज़रूरी है। उन्होंने संबंधित विभागों के बीच तालमेल बढ़ाने और कल्याणकारी सेवाओं की डिलीवरी को मज़बूत करने के लिए 'चिंतन शिविर' आयोजित करने पर महिला एवं बाल विकास विभाग की तारीफ़ भी की।
इससे पहले, महिला एवं बाल विकास मंत्री दासांग्लु पुल, जो कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल हुईं, ने विभाग द्वारा शुरू की गई नई और अनोखी पहलों पर गर्व जताया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि महिलाएं और बच्चे सिर्फ़ योजनाओं के फ़ायदा उठाने वाले ही नहीं हैं, बल्कि वे सरकार के कल्याणकारी कार्यक्रमों के मुख्य केंद्र हैं। उन्होंने इस बात को फिर से दोहराया कि उनके कल्याण और सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई पहलों का ज़मीनी स्तर पर ठोस फ़ायदा मिलना सुनिश्चित करना ज़रूरी है।
पोषण और बाल विकास के क्षेत्र में बेहतरीन काम और नई पहलों के लिए छह कैटेगरी में 'राज्य पोषण पुरस्कार' दिए गए। बोमडिला के डिप्टी डायरेक्टर आरटी डेरू को 'बेस्ट परफ़ॉर्मिंग डिप्टी डायरेक्टर ' का पुरस्कार मिला। इसके अलावा, पोषण और बाल कल्याण पहलों को असरदार ढंग से लागू करने में योगदान के लिए बेस्ट सुपरवाइज़र/ग्राम सेविका, तीन बेस्ट परफ़ॉर्मिंग आंगनवाड़ी वर्कर और तीन बेस्ट परफ़ॉर्मिंग आंगनवाड़ी हेल्पर को भी पुरस्कार दिए गए।
हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी

