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शिलांग-दावकी राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण से बढ़ी पर्यटकों की परेशानी

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शिलांग-दावकी राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण से बढ़ी पर्यटकों की परेशानी


शिलांग, 15 मई, (हि.स.)। मेघालय के सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन और व्यापारिक मार्गों में शामिल शिलांग-दावकी राष्ट्रीय राजमार्ग-40 पर जारी चौड़ीकरण परियोजना ने जहां भविष्य में बेहतर संपर्क व्यवस्था की उम्मीद जगाई है, वहीं वर्तमान में यह मार्ग यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए भारी परेशानी का कारण बनता जा रहा है।

शिलांग से भारत-बांग्लादेश सीमा स्थित दावकी तक जाने वाले इस मार्ग को दो लेन से विस्तारित कर चौड़े कॉरिडोर और कुछ हिस्सों में चार लेन सड़क में बदला जा रहा है। परियोजना का कार्य जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जिका) की सहायता से ईपीसी मोड के तहत किया जा रहा है और इसे वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

हालांकि, सड़क विस्तार परियोजना से भविष्य में पर्यटन, व्यापार और सीमा संपर्क को मजबूती मिलने की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल निर्माण के कारण यात्रा बेहद चुनौतीपूर्ण बन चुकी है। पिनुरसला, लैतलिंगकोट और लिंगकिर्डेम जैसे पहाड़ी इलाकों में लगातार कटिंग और खुदाई से भूस्खलन का खतरा काफी बढ़ गया है। मानसून के दौरान स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है, जिससे बार-बार सड़क बंद होने और लंबा जाम लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं।

लोगों के अनुसार, सड़क पर घंटों तक वाहनों का फंसे रहना अब सामान्य बात बन चुकी है। निर्माण और सुरक्षा कारणों से प्रशासन समय-समय पर यातायात प्रतिबंध लागू करता है। कई बार मलबा हटाने और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत के कारण वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोकनी पड़ती है।

अप्रैल, 2026 में मावलिह क्षेत्र में दुर्घटना के बाद सड़क बंद होने की घटना ने इस मार्ग की संवेदनशीलता को और उजागर कर दिया था। टैक्सी चालकों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि शिलांग से दावकी तक की यात्रा अवधि अब पूरी तरह अनिश्चित हो चुकी है।

इसके बावजूद दावकी और उमंगोट नदी क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही पूरी तरह नहीं थमी है। हालांकि, अधिकांश पर्यटक अब सुबह जल्दी यात्रा शुरू करना पसंद कर रहे हैं ताकि निर्माण स्थलों और भारी जाम से बचा जा सके। शिलांग के स्थानीय टैक्सी संचालक भी यात्रियों को प्रतिदिन की यातायात स्थिति के अनुसार वैकल्पिक मार्गों की जानकारी दे रहे हैं।

परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि भविष्य की यातायात आवश्यकताओं और सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह विस्तार कार्य अत्यंत जरूरी है। दावकी ब्रिज सहित पैकेज-5 के अंतर्गत शेष कार्यों पर तेजी से काम जारी है।

प्रशासन ने यात्रियों को भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और सफर से पहले स्थानीय यातायात सलाह अवश्य लेने की अपील की है। आगामी दिनों में मानसून तेज होने की संभावना को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में यातायात नियंत्रण और सख्त किए जाने की संभावना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश