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मेघालय : जीएचएडीसी के सीईएम अल्बिनुश मराक ने अविश्वास प्रस्ताव से पहले दिया इस्तीफा

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मेघालय : जीएचएडीसी के सीईएम अल्बिनुश मराक ने अविश्वास प्रस्ताव से पहले दिया इस्तीफा


तुरा, 16 मार्च (हि.स.)। गारो हिल्स स्वायत्त जिला परिषद (जीएचएडीसी) के मुख्य कार्यकारी सदस्य (सीईएम) अल्बिनुश आर मराक ने साेमवार काे परिषद में उनके खिलाफ निर्धारित अविश्वास प्रस्ताव से कुछ घंटे पहले ही इस्तीफा दे दिया।

मराक ने सुबह 11 बजे तय बैठक से पहले जीएचएडीसी के अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंपा, जिसमें उन्होंने कहा कि वह नैतिक आधार पर पद छोड़ रहे हैं। 16 मार्च के पत्र में, मराक ने लिखा कि वह मुख्य कार्यकारी सदस्य के पद से तत्काल प्रभाव से अपना इस्तीफा दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने गारो हिल्स के लोगों के कल्याण, विकास और समग्र प्रगति के लिए काम करने का पूरी ईमानदारी से प्रयास किया। मराक ने बताया कि उनके नेतृत्व में कार्यकारी समिति ने गारो हिल्स के लोगों की मांग के अनुसार आवश्यक नियमों, विनियमों और कानूनों को लागू करने के लिए कदम उठाए थे, जिनका उद्देश्य उनके अधिकारों, रीति-रिवाजों और हितों की रक्षा करना था।

पत्र में कहा गया है कि लोगों की सेवा करने और परिषद के प्रशासन को मज़बूत करने के एकमात्र उद्देश्य से कई पहलें और विकासात्मक उपाय किए गए। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ पहलें पूरी तरह से लागू नहीं हो पाईं, क्योंकि कुछ परिस्थितियों के कारण उन्हें लागू करना संभव नहीं हो पाया।

यह इस्तीफा तब आया जब जिला परिषद के 21 सदस्यों ने उनके नेतृत्व के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला किया। मराक ने कहा कि एक लोकतांत्रिक संस्था में कार्यकारी समिति का कामकाज सदस्यों के बहुमत के विश्वास पर निर्भर करता है।

उन्होंने लिखा है कि नैतिक आधार पर, मैं मुख्य कार्यकारी सदस्य के पद पर बने रहने के बजाय पद छोड़ देना ही उचित और सही मानता हूं, क्योंकि अब अधिकांश सदस्यों को मेरे नेतृत्व पर विश्वास नहीं रहा है। पद छोड़ने के बावजूद, मराक ने कहा कि जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता जारी रहेगी।

उन्होंने कहा है जनसेवा किसी विशेष पद पर बने रहने पर निर्भर नहीं करती, और मैं अपने लोगों के कल्याण और बेहतरी के लिए खुद को समर्पित करता रहूंगा। उन्होंने परिषद के अध्यक्ष से अनुरोध किया कि वे उनके इस्तीफ़े को तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लें।

ज्ञात हो कि मेघालय के राज्यपाल सीएच विजयशंकर ने मुख्य कार्यकारी सदस्य (सीईएम) अल्बिनुश आर मराक के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के बाद आज जीएचएडीसी का एक विशेष सत्र बुलाने का आदेश दिया था। परिषद के 21 सदस्यों ने 14 मार्च को एक पत्र पर हस्ताक्षर किए, जिसमें दावा किया गया था कि माराक सदन का समर्थन खो चुके हैं। जिला परिषद मामलों के विभाग ने 1951 के असम और मेघालय नियमों के नियम 36(5) के तहत इस सत्र की अधिसूचना जारी की।

यह राजनीतिक टकराव एक बेहद तनावपूर्ण माहौल में सामने आया है। पिछले महीने, मराक द्वारा जारी एक अधिसूचना में गैर-आदिवासियों को जीएचएडीसी चुनावों में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया था, जिसके बाद पश्चिम गारो हिल्स और आसपास के इलाकों में ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन भड़क उठे थे। हिंसा भी हुई, जिसमें आगजनी, तोड़फोड़ और झड़पें शामिल थीं। पुलिस की गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।

प्रशासन ने इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया, सुरक्षा बलों को तैनात किया और केवल आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए कुछ समय के लिए पाबंदियों में ढील दी। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। --------------------

हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय