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'सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट' के विरूद्ध इटानगर में निकली एकजुटता रैली

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'सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट' के विरूद्ध इटानगर में निकली एकजुटता रैली


इटानगर, 29 अक्टूबर (हि.स.)। 'इंडिजिनस ऑफ सियांग', 'यूथ फॉर चेंज' और कई अन्य संगठनों ने आज इटानगर में संयुक्त रूप से एक शांतिपूर्ण एकजुटता रैली निकाली। इस रैली का उद्देश्य प्रस्तावित 'सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट' के खिलाफ चल रहे आंदोलन के दौरान हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की तुरंत रिहाई और सियांग क्षेत्र से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल को वापस बुलाने की मांग करना था।

राज्य सरकार, मुख्यमंत्री पेमा खांडू के खिलाफ नारे लिखे बैनर और पोस्टर लिए सैकड़ों युवाओं ने इस शांतिपूर्ण रैली में शामिल हुए। यह रैली अकाशदीप बाजार से शुरू होकर इटानगर के आईजी पार्क में पहुंचकर संपन्न हुई। इसमें आम नागरिकों, युवा कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। उन्होंने प्रस्तावित मेगा जलविद्युत परियोजना और स्थानीय मूल समुदायों पर इसके संभावित प्रभावों को लेकर चिंता जताई।

उन्होंने हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों को बिना शर्त तुरंत रिहा करने की मांग की। साथ ही, उन्होंने सियांग क्षेत्र के उन इलाकों से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और अन्य अर्धसैनिक बलों को हटाने की भी मांग की, जो बांध से प्रभावित हैं।

प्रदर्शनकारियों ने नदियों, अपनी पुश्तैनी जमीन, मूल पहचान और स्थानीय समुदायों के अधिकारों की रक्षा की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकास परियोजनाओं को लोगों की आजीविका और पारंपरिक विरासत की कीमत पर नहीं चलाया जाना चाहिए।

रैली में शामिल संगठनों ने सियांग क्षेत्र में बने तनाव पर चिंता जताई, खासकर पासीघाट और गेकू में प्रस्तावित परियोजना को लेकर हाल ही में हुई अशांति की घटनाओं के बाद।

'अरुणाचल फ्रंटियर ट्राइबल फ्रंट' के अध्यक्ष तदाक नालो ने रैली में भाग लेते हुए मुख्यमंत्री पेमा खांडू से सवाल किया कि चीन की ओर से 60,000 मेगावाट के बांध के प्रस्ताव का दावा कहां से आया? उन्होंने पूछा कि जब चीनी अधिकारी ऐसी जानकारी सार्वजनिक नहीं करते, तो यह जानकारी कैसे मिली?

साथ ही, उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि 11,000 मेगावाट का सियांग बांध, 60,000 मेगावाट वाले बांध के पानी को कैसे नियंत्रित कर सकता है?

उन्होंने प्रस्तावित 11,000 मेगावाट के सियांग बांध की सुरक्षा पर भी चिंता जताई और पूछा कि अगर ऊपर की तरफ बना कोई बांध टूट जाता है, तो क्या यह बांध उसका दबाव झेल पाएगा? इसके अलावा, नालो ने सभी बंदियों को रिहा करने की मांग की और अधिकारियों से इस मामले में उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया।

हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी