तामुलपुर में दुर्गापूजा को लेकर जिला प्रशासन की बैठक, जबरन चंदा वसूली पर रोक
तामुलपुर (असम), 03 अक्टूबर (हि.स.)। आगामी दुर्गापूजा के शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं प्रदूषणमुक्त आयोजन को लेकर आज तामुलपुर जिला आयुक्त कार्यालय के सभाकक्ष में जिला आयुक्त सिमी करन की उपस्थिति में बैठक आयोजित की गई। बैठक में दुर्गापूजा समितियों को प्रशासन की ओर से विभिन्न दिशा-निर्देशों से अवगत कराया गया।
अतिरिक्त जिला आयुक्त डॉ. दीपांकर नाथ ने पूजा समितियों को हाथी-मानव संघर्ष की वर्तमान स्थिति को देखते हुए पूजा के दौरान पटाखों का इस्तेमाल नहीं करने का विशेष अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि जिले में करीब 80 हाथियों के झुंड विचरण कर रहे हैं और पटाखों की आवाज से हाथियों में भय एवं अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
प्रशासन ने सभी पूजा समितियों को हेल्प डेस्क स्थापित कर उसका संपर्क नंबर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने, पूजा स्थल के 100 मीटर के दायरे में वाहन पार्किंग नहीं करने तथा रात 10 बजे तक साउंड सिस्टम बंद करने का निर्देश दिया। इसके अलावा पूजा स्थलों पर प्राथमिक चिकित्सा किट, आपातकालीन नंबरों की जानकारी, सीसीटीवी एवं अग्निशमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। स्वयंसेवकों की सूची भी पहले से पुलिस के पास जमा कराने का निर्देश दिया गया।
बैठक में प्रशासन ने स्पष्ट किया कि दुर्गापूजा के नाम पर किसी से जबरन चंदा वसूली नहीं की जा सकेगी। साथ ही पूजा समितियों से अवैध नशीले पदार्थों के इस्तेमाल पर रोक सुनिश्चित करने को कहा गया। प्रशासन ने प्रतिमा विसर्जन शाम 5 से 6 बजे के बीच करने का भी आग्रह किया।
जिला आयुक्त सिमी करन ने प्रतिमाओं में रासायनिक रंगों के इस्तेमाल से बचने तथा प्लास्टिक का उपयोग बंद करने की अपील की, ताकि दुर्गापूजा का आयोजन पर्यावरण अनुकूल एवं प्रदूषणमुक्त बनाया जा सके। तामुलपुर जिले में इस वर्ष करीब 68 दुर्गापूजा मंडपों में पूजा आयोजन होने की जानकारी दी गई है।
बैठक में विभिन्न दुर्गापूजा समितियों के पदाधिकारियों के अलावा जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / किशोर मिश्रा

