कोकराझार जिला प्रशासन ने बाढ़ पूर्व तैयारी की समीक्षा
कोकराझार (असम), 16 मार्च (हि.स.)। आगामी वर्षा ऋतु और संभावित बाढ़ की स्थिति को ध्यान में रखते हुए कोकराझार जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियों की समीक्षा शुरू कर दी है। इसी क्रम में सोमवार को जिला आयुक्त कार्यालय के सभागार में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बाढ़ तैयारी बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला आयुक्त पंकज चक्रवर्ती ने की, जिसमें विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान जिला आयुक्त ने सभी विभागों को प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए सतर्क और सक्रिय रहने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि संभावित संवेदनशील और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की पहचान कर समय रहते आवश्यक निवारक उपाय सुनिश्चित किए जाएं, ताकि आपदा की स्थिति में नुकसान को कम किया जा सके।
जिला आयुक्त ने सर्किल अधिकारियों को पिछले वर्षों के बाढ़ के आंकड़ों के आधार पर कमजोर गांवों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की पहचान करने तथा आपातकालीन स्थिति में सेक्टर आधारित समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में राहत शिविरों की पहचान, प्रभावित लोगों और पशुधन के लिए ऊंचे प्लेटफार्म की व्यवस्था सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। इसके अलावा संबंधित विभागों को सड़क, तटबंध, बिजली आपूर्ति, खाद्य सामग्री, स्वास्थ्य सेवाओं तथा पेयजल जैसी आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक तैयारियां करने को कहा गया।
जिला प्रशासन की ओर से निर्देश दिया गया कि वर्षा ऋतु से पहले आवश्यक सामग्रियों का पर्याप्त भंडारण किया जाए, मोबाइल चिकित्सा दलों का गठन किया जाए, कमजोर तटबंधों को मजबूत किया जाए तथा सड़कों, पुलों और कलवर्टों का समय रहते निरीक्षण कर मरम्मत कार्य पूरा किया जाए।
बैठक के अंत में जिला आयुक्त ने अग्रिम तैयारी और विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए सभी विभागों को मानसून से काफी पहले आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए, ताकि आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके और बाढ़ के दौरान जन-धन की हानि को रोका जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / किशोर मिश्रा

