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छह नागा नागरिकों की हत्या पर मणिपुर में आक्रोश, उप मुख्यमंत्री नेमचा किपगेन ने की कड़ी निंदा

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छह नागा नागरिकों की हत्या पर मणिपुर में आक्रोश, उप मुख्यमंत्री नेमचा किपगेन ने की कड़ी निंदा


इंफाल, 11 जून (हि.स.)। मणिपुर में छह लापता नागा लोगों के शव मिलने के बाद राज्य में तनाव बढ़ गया है। अलग-अलग संगठनों, कम्युनिटी लीडर्स और सिविल सोसाइटी ने इसकी बड़े पैमाने पर निंदा की है। वहीं, प्रदेश की उप मुख्यमंत्री नेमचा किपगेन ने इस घटना को एक क्रूर और हिंसक घटना बताया। उन्हाेंने इसकी कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस घटना ने समाज को बहुत दुख पहुंचाया है और उनकी हत्या के कारण लोगों की सामूहिक अंतरात्मा पर गहरा असर डाला है।

ज्ञात हो कि, 10 जून को संदिग्ध उग्रवादियों ने छह नागा नागरिकों की हत्या करने के बाद शव को सौंप दिया था। बताया गया है कि मरने वाले उन लोगों में शामिल हैं जिन्हें 13 मई, 2026 को लेइलोन वैफेई से बंधक बनाया गया था। वहीं बीते 09 जून को 24 कुकी नागरिकों को अपहरण के बाद उग्रवादियों ने रिहा किया था। जिसके बाद यह आशंका जताई जा रही थी कि नागा नागरिकों की भी सकुशल रिहाई हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस घटना के बाद राज्य में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

मणिपुर सरकार की ओर से गहरा सदमा और गुस्सा जाहिर करते हुए, उप मुख्यमंत्री नेमचा किपगेन ने छह नागा नागरिकों के शव मिलने के बाद एक बयान में कहा कि इस तरह के अत्याचारों की मणिपुर में कोई जगह नहीं है। यह इंसानियत और आपसी सम्मान के मूल्यों के खिलाफ है।

उन्होंने कहा, “छह बेगुनाह नागा लोगों की यह दुखद हत्या बहुत दर्दनाक है। यह पूरी तरह से इंसानियत, आपसी सम्मान और उन मूल्यों के खिलाफ है जिन्हें हम सभी संजोते हैं।”

इस संदर्भ में, उप मुख्यमंत्री ने सभी समुदायों से हर तरह की हिंसा रोकने और राज्य में शांति और सद्भाव बहाल करने के लिए मिलकर काम करने की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि मृतकों के लिए सच्चा सम्मान तभी दिया जाएगा जब अलग-अलग समुदायों के बीच ज़्यादा समझ, दया और बातचीत का माहौल बनाया जा सके। सुलह की ज़रूरत पर जोर देते हुए, किपगेन ने कहा कि लोगों के सामने आने वाली चुनौतियों के बावजूद, मणिपुर को एकता और उम्मीद की धरती के तौर पर बनाए रखना चाहिए।

उप मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना जताई और इस मुश्किल समय में उन्हें हिम्मत और दिलासा दिया। शांति, संयम और सुलह की अपील करते हुए, उन्होंने आम आदमी से डर, नफरत और बार-बार होने वाली हिंसा के चक्र से मुक्त भविष्य बनाने के लिए खुद को नए सिरे से समर्पित करने की अपील की।

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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय