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मानस राष्ट्रीय उद्यान में लगातार तीन वर्षों से गैंडा और बाघ का शिकार शून्य: मुख्यमंत्री

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मानस राष्ट्रीय उद्यान में लगातार तीन वर्षों से गैंडा और बाघ का शिकार शून्य: मुख्यमंत्री


गुवाहाटी, 16 जून, (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने मंगलवार को कहा कि राज्य के मानस नेशनल पार्क में लगातार तीन वर्षों से गैंडा और बाघ के शिकार की एक भी घटना दर्ज नहीं हुई है। उन्होंने इसे वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में असम की एक बड़ी उपलब्धि बताया।

मुख्यमंत्री ने आज सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि एक समय था जब मानस राष्ट्रीय उद्यान में शिकार की घटनाएं अक्सर सुर्खियों में रहती थीं, लेकिन अब “शून्य शिकार ही नई सामान्य स्थिति” बन गई है। उन्होंने कहा कि लगातार तीन वर्षों तक गैंडा और बाघ के शिकार की कोई घटना न होना राज्य सरकार के सतत संरक्षण प्रयासों का परिणाम है।

उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय वन्यजीवों की सुरक्षा और जैव विविधता के संरक्षण के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए निरंतर प्रयासों को दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सफलता वन्यजीव संरक्षण तंत्र को मजबूत करने तथा संरक्षित क्षेत्रों में बेहतर संरक्षण परिणाम सुनिश्चित करने की दिशा में असम की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त मानस राष्ट्रीय उद्यान ने अतीत में शिकार और उग्रवाद से जुड़ी कई चुनौतियों का सामना किया था। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करने, सुरक्षा ढांचे को मजबूत बनाने और स्थानीय समुदायों की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि राज्य सरकार द्वारा जैव विविधता की रक्षा और वन्यजीव संरक्षण के लिए किए जा रहे अथक प्रयासों का प्रतीक है।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश