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तीसरे भारत लोक संगीत अरुणाचल उत्सव में दिखा युवाओं का जुड़ाव

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तीसरे भारत लोक संगीत अरुणाचल उत्सव में दिखा युवाओं का जुड़ाव


इटानगर, 27 मार्च (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश के ईस्ट सियांग जिला में आयोजित दो दिवसीय जीवंत तीसरे भारत लोक संगीत अरुणाचल उत्सव 2026 का आज समापन हुआ, जिसने ईस्ट सियांग जिले और राज्य के युवाओं, संस्कृति प्रेमियों और निवासियों के लिए एक यादगार सांस्कृतिक अनुभव प्रदान किया।

भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता का जश्न मनाने वाले इस सांस्कृतिक उत्सव में, राज्य और देश के स्वदेशी और शास्त्रीय नृत्य रूपों के समृद्ध भंडार को प्रदर्शित किया गया। इसमें लोक कलाकारों द्वारा लोंगडिंग जिले के वानचो समुदाय का ज़ू-फ़ोन-शोन, शि-योमी का मेम्बा लोक नृत्य, डॉ. लता सुरेंद्र द्वारा शास्त्रीय भरतनाट्यम, त्रिज़िनो का अका लोक नृत्य, मणिपुर की रासलीला और कई अन्य प्रस्तुतियां शामिल थीं।

विशेष रूप से दर्शकों में मौजूद युवाओं से जुड़ते हुए और सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश के लोक संगीत की धुनें बिखेरते हुए, सिक्किम के लेपचा लोक बैंड- लासो मुंग कुप और अरुणाचल प्रदेश के संगीत के दिग्गज ताबा चाके ने अपनी प्रस्तुति दीं।

इससे पहले, गुरुवार को उद्घाटन दिवस पर, रोइंग विधानसभा क्षेत्र के विधायक मुचू मिठी ने वर्तमान की तेजी से बदलती दुनिया में पारंपरिक विरासत और कला रूपों के संरक्षण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि पीढ़ियों से चली आ रही परंपराएं, सांस्कृतिक अभिव्यक्तियां और कलात्मक परंपराएं पहचान का सार हैं और गौरव का एक महत्वपूर्ण स्रोत हैं, जिन्हें भावी पीढ़ियों के लिए संरक्षित किया जाना चाहिए।

दो दिवसीय भारत लोक संगीत- अरुणाचल प्रदेश महोत्सव का तीसरा संस्करण, जो बीते कल राणेघाट के पास सियांग नदी महोत्सव मैदान में आयोजित किया गया। जिसमें भारत की सांस्कृतिक विविधता की एक सांस्कृतिक देखने को मिली।

हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी