कामतापुर राज्य के पुनर्गठन और जनजातिकरण की मांग को लेकर 15 नवंबर को कोकराझार में जनसभा
कोकराझार (असम), 31 अक्टूबर (हि.स.)। कामतापुर राज्य के पुनर्गठन, कोच-राजबंशी समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा प्रदान करने तथा प्रतिबंधित संगठन कामतापुर लिबरेशन आर्गेनाइजेशन (केएलओ) के साथ शीघ्र त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित करने की मांग को लेकर कामतापुर स्टेट डिमांड काउंसिल (केएसडीसी) ने आंदोलन की नई रूपरेखा घोषित की है।
इन मांगों के समर्थन में आगामी 15 नवंबर को कोकराझार शहर में एक विशाल जनसभा आयोजित की जाएगी। शनिवार को कोकराझार शहर के नाराबारी स्थित चिलाराय भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में केएसडीसी के महासचिव लक्षींद्र राय ने आंदोलन के कार्यक्रमों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित जनसभा में असम, पश्चिम बंगाल और बिहार से एक लाख से अधिक आंदोलनकारी कोच-राजबंशी समुदाय के लोगों के शामिल होने की संभावना है। जनसभा के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार का ध्यान समुदाय की लंबे समय से लंबित मांगों की ओर आकर्षित किया जाएगा।
केएसडीसी महासचिव लक्षींद्र राय ने चेतावनी दी कि जनसभा के बाद भी यदि सरकार की ओर से इन मांगों के समाधान के लिए शीघ्र और प्रभावी कदम नहीं उठाए जाते हैं, तो संगठन कोच-राजबंशी समुदाय के लोगों के सहयोग से और अधिक व्यापक एवं जोरदार जन आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगा।
उन्होंने सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द सकारात्मक पहल करने की अपील की।
हिन्दुस्थान समाचार / किशोर मिश्रा

