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कोकराझार जिला आयुक्त ने सीएमएएए लाभार्थियों के एक्सपोजर विजिट को दिखाई हरी झंडी

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कोकराझार जिला आयुक्त ने सीएमएएए लाभार्थियों के एक्सपोजर विजिट को दिखाई हरी झंडी


कोकराझार जिला आयुक्त ने सीएमएएए लाभार्थियों के एक्सपोजर विजिट को दिखाई हरी झंडी


कोकराझार (असम), 27 सितम्बर (हि.स.)। मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर असम अभियान (सीएमएएए) के तहत लाभार्थियों के तकनीकी ज्ञान, कौशल और उद्यमिता क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित एक्सपोजर विजिट को शनिवार को कोकराझार के जिला आयुक्त पंकज चक्रवर्ती ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस एक्सपोजर विजिट के तहत सीएमएएए के लाभार्थियों को देश के प्रतिष्ठित प्रशिक्षण संस्थानों में जाकर संबंधित क्षेत्र में तकनीकी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

प्रथम चरण में 20 सुअर पालन उद्यमियों का दल कामरूप जिले के रानी स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ फार्म मैनेजमेंट पिगरी का दौरा करेगा। कार्यक्रम में उद्योग विभाग, असम के मंत्री द्वारा नामित आईएएस अधिकारी तथा रेसोनिया लिमिटेड के हेड ऑफ प्रोजेक्ट भी उपस्थित रहे। इसके बाद मत्स्य पालन और बकरी पालन से जुड़े लाभार्थियों के अलग-अलग दलों को विशेष प्रशिक्षण एवं एक्सपोजर के लिए क्रमशः कोलकाता और बर्नीहाट भेजा जाएगा। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में लाभार्थियों को औपचारिक प्रशिक्षण के साथ-साथ संबंधित क्षेत्र में व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।

इस अवसर पर जिला आयुक्त पंकज चक्रवर्ती ने कहा कि इस तरह के एक्सपोजर कार्यक्रम लाभार्थियों की क्षमता निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञ संस्थानों में प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने से उद्यमियों को अपने व्यवसाय को अधिक प्रभावी, टिकाऊ और व्यवहारिक तरीके से विकसित करने में सहायता मिलेगी।

जिला प्रशासन के अनुसार, इन एक्सपोजर विजिट का उद्देश्य लाभार्थियों को संबंधित क्षेत्र का व्यावहारिक ज्ञान और आधुनिक तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने उद्यमों को मजबूत कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकें। कोकराझार जिला प्रशासन द्वारा रेसोनिया लिमिटेड के कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) पहल के सहयोग से इन एक्सपोजर विजिट का आयोजन किया जा रहा है। पहल के माध्यम से सीएमएएए लाभार्थियों को सफल और आत्मनिर्भर उद्यमी बनने के लिए आवश्यक ज्ञान, कौशल और व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने पर जोर दिया जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / किशोर मिश्रा