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सियांग परियोजना के विरोध के बीच पेमा खांडू ने एबीके युवा संगठनों को बातचीत के लिए बुलाया

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सियांग परियोजना के विरोध के बीच पेमा खांडू ने एबीके युवा संगठनों को बातचीत के लिए बुलाया


इटानगर, 24 अक्टूबर (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने प्रस्तावित 11,200 मेगावाट की सियांग अपर बहुउद्देशीय परियोजना को लेकर बढ़ते विरोध के बीच आदि बाने केबांग (एबीके) के युवा संगठन और यूथ एसोसिएशन को सीधे बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। सरकार का उद्देश्य परियोजना को लेकर उत्पन्न तनाव को दूर करना और स्थानीय समुदायों की चिंताओं को समझना है।

मुख्यमंत्री का यह कदम आदि समुदाय के विभिन्न संगठनों की ओर से आहूत 12 घंटे के बंद के बाद सामने आया है। बंद के कारण पूर्वी सियांग, सियांग और ऊपरी सियांग जिलों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। इस दौरान दिते-दिमे क्षेत्र में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। बैरिकेड तोड़ने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने आंसू गैस के गोले छोड़े।

खांडू ने परियोजना की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि यह अभी केवल पूर्व-व्यवहार्यता रिपोर्ट (पीएफआर) के चरण में है। उन्होंने बताया कि फिलहाल तकनीकी व्यवहार्यता का आकलन करने के लिए चट्टानों के नमूने एकत्र किए जा रहे हैं। इस स्तर पर बांध निर्माण या कृषि भूमि, वन भूमि अथवा निजी जमीन के अधिग्रहण को लेकर कोई चर्चा नहीं हो रही है।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वह पूरे महीने सियांग क्षेत्र का नियमित दौरा करेंगे और स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों के बीच परियोजना को लेकर गलत सूचनाएं फैलाई जा रही हैं। खांडू ने आश्वासन दिया कि यदि परियोजना वास्तविक बांध निर्माण की योजना के चरण तक पहुंचती है, तो कानूनी और संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप जन परामर्श की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

हालांकि, परियोजना का विरोध कर रहे संगठनों ने अपना रुख बरकरार रखा है। सियांग इंडिजिनस फार्मर्स फोरम (एसआईएफएफ) और एबीके यूनाइटेड यूथ विंग ने सरकार के आश्वासनों के बावजूद आंदोलन जारी रखने का संकेत दिया है। राज्य सरकार ने 13 अक्टूबर को प्राथमिकी वापस लेने, हिरासत में लिए गए युवाओं को रिहा करने और सुरक्षा बलों की तैनाती कम करने का आश्वासन दिया था।

इस बीच, अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए पुलिस की कार्रवाई की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। पार्टी ने परियोजना से संबंधित जारी मैदानी सर्वेक्षणों को तत्काल रोकने की भी मांग की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश