home page

कामाख्या मंदिर कॉरिडोर के निर्माण का प्राथमिक कार्य शुरू

 | 
कामाख्या मंदिर कॉरिडोर के निर्माण का प्राथमिक कार्य शुरू




गुवाहाटी, 16 जुलाई (हि.स.)। लंबे समय से प्रतीक्षित कामाख्या मंदिर कॉरिडोर के निर्माण का प्राथमिक कार्य आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है। परियोजना के पहले चरण के तहत, प्रशासन ने कामाख्या मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार के आसपास स्थित विभिन्न दुकानों और अस्थायी निर्माणों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

प्राचीन विरासत और ऐतिहासिक महत्व रहेगा अक्षुण्ण

सरकारी सूत्रों के अनुसार, कॉरिडोर के निर्माण के दौरान कामाख्या धाम की परंपरा, धार्मिक महत्व और प्राचीन वास्तुक्ला की गरिमा को पूरी तरह बरकरार रखा जाएगा। इस परियोजना को इस तरह से नियोजित किया गया है ताकि मंदिर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विशेषताओं पर कोई आंच न आए।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना को शुरू करने से पहले राज्य सरकार, कामाख्या मंदिर प्रबंधन समिति और स्थानीय निवासियों के बीच कई दौर की बैठकें और व्यापक चर्चाएं हुईं। प्रशासन की ओर से बताया गया है कि सभी पक्षों की सहमति और सुझावों के आधार पर ही निर्माण का यह प्रारंभिक कार्य शुरू किया गया है।

पीएम-डिवाइन के तहत 498 करोड़ का बजट

सरकार की योजना के मुताबिक, इस 'मां कामाख्या धाम' परियोजना पर 498 करोड़ की लागत आएगी। इसे प्रधानमंत्री के पूर्वोत्तर विकास पहल योजना के तहत क्रियान्वित किया जा रहा है।

इस कॉरिडोर के बनने से मंदिर परिसर का क्षेत्रफल वर्तमान के लगभग 3,000 वर्ग फुट से बढ़कर 1,00,000 वर्ग फुट से भी अधिक हो जाएगा। निर्माण कार्य को तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग और आईआईटी गुवाहाटी के साथ मिलकर काम करने का निर्णय लिया गया है।

पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार

सरकार को उम्मीद है कि कॉरिडोर का निर्माण पूरा होने के बाद देश-विदेश से आने वाले लाखों भक्तों और पर्यटकों की आवाजाही अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित हो जाएगी। इसके साथ ही, कामाख्या धाम से जुड़े पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे के विकास को भी एक नई दिशा मिलेगी।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / देबजानी पतिकर