स्वाधीनता दिवस से पूर्व लगभग 35 वर्षों से राष्ट्रीय ध्वज बना रहे कलगछिया के पियार अली
बरपेटा (असम), 09 अगस्त (हि.स.)। बरपेटा जिलांतर्गत कलगछिया के पेशे से दर्जी पियार अली अपने जीवन के लगभग 35 सालों से राष्ट्रीय ध्वज बनाते आ रहे हैं। इस बार भी अली 80वें स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए राष्ट्रीय ध्वज तैयार करने के कार्य में जुटे हुए है।
कलगछिया बाजार में दर्ज़ी का काम कर जीवन यापन करने वाले पियार अली को राष्ट्रीय ध्वज बहुत पसंद है। इसलिए हर साल गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस से पहले वह अपने हाथों से इसे तैयार कर भारत के तीन रंगों वाले राष्ट्रीय ध्वज लोगों को मुहैया कराते हैं। पियार अली ने जीवन की शुरुआती अवस्था में दर्ज़ी का काम सीखने के बाद से ही यह काम शुरू किया था। पहले उन्होंने दो-चार ध्वज सिलकर स्वतंत्रता दिवस के दिन लोगों के हाथ पहुंचाया था। उसके बाद से 26 जनवरी और 15 अगस्त आते ही पीयार अली में देशभक्ति जाग्रत हो जाती है। उनका मन ध्वज सिलने में लग जाता है।
वृहत्तर कलगछिया के साथ-साथ बरपेटा, मंदिया, बरभिटा, मयनबारी, जयपुर, ताराकांदी, बाघबर, ग्वालपारा और बंगाईगांव ज़िलों में भी पियार अली द्वारा तैयार किया गया राष्ट्रीय ध्वज उपलब्ध होता है। वर्तमान में पियार अली के इस कार्य को लोगों द्वारा खूब सराहा जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

