नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आरोपित को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा
कोकराझार (असम), 29 सितम्बर (हि.स.)। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में कोकराझार की विशेष अदालत ने मंगलवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए दोषी बदीयत खान (45) को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा नहीं करने पर अतिरिक्त छह महीने के कारावास की सजा भुगतनी होगी।
मामले के अनुसार, 3 मार्च, 2023 की शाम गोसाईगांव थाना क्षेत्र में घर पर किसी के मौजूद नहीं होने का फायदा उठाकर बदीयत खान कथित रूप से नाबालिग पीड़िता के घर में प्रवेश किया था। आरोप के मुताबिक, आरोपित ने नाबालिग के हाथ और मुंह को गमछे से बांधकर उसे कंधे पर उठाया और पास के एक बागान में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पीड़िता के परिजनों ने गोसाईगांव थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। इस संबंध में गोसाईगांव थाने में केस नंबर 236/23 के तहत मामला दर्ज किया गया। बाद में पॉक्सो अधिनियम की धारा 4(2) के तहत मामला विशेष अदालत में स्थानांतरित किया गया, जहां केस नंबर 151/23 के रूप में सुनवाई शुरू हुई।
मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और संबंधित तथ्यों पर विचार करने के बाद कोकराझार विशेष अदालत ने मंगलवार को अपना अंतिम फैसला सुनाया। अदालत ने बदीयत खान को 20 वर्ष के सश्रम कारावास के साथ 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त छह महीने के कारावास का आदेश दिया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / किशोर मिश्रा

