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कोकराझार में बीवीसी और बीएमसी की संयुक्त बैठक आयोजित

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कोकराझार में बीवीसी और बीएमसी की संयुक्त बैठक आयोजित


-सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रभावी निगरानी मजबूत करने पर जोर

कोकराझार (असम), 29 अगस्त (हि.स.)। कोकराझार के बोडोफा नगर स्थित बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (बीटीसी) सचिवालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में शनिवार को बोडोलैंड विजिलेंस कमेटी (बीवीसी) और बोडोलैंड मॉनिटरिंग कमेटी (बीएमसी) की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में 40 से अधिक सदस्यों ने हिस्सा लिया।

बैठक की शुरुआत बीटीसी परिषद एसेंबली के उपाध्यक्ष दिवंगत बिजित ग्वरा नार्जारी और बक्तार अली अहमद की स्मृति में एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।

बीटीसी प्रमुख हग्रामा मोहिलारी की ओर से पूर्व विधायक एवं एएलए की संसदीय स्थायी समिति के सदस्य परमेश्वर ब्रह्म ने बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान अतिरिक्त प्रधान सचिव प्रणजीत कुमार वारी ने दोनों समितियों के उद्देश्य, भूमिका एवं जिम्मेदारियों के बारे में सदस्यों को विस्तार से जानकारी दी।

बैठक में विजिलेंस एवं मॉनिटरिंग समितियों के कामकाज और जिम्मेदारियों पर विस्तृत चर्चा की गई। सरकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में बताया गया कि बोडोलैंड मॉनिटरिंग कमेटी (बीएमसी) एक सक्रिय पर्यवेक्षी तंत्र के रूप में कार्य करेगी। समिति द्वारा विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की लगातार निगरानी, उनके प्रदर्शन का आकलन और आवश्यक सुझाव दिए जाएंगे। योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की वास्तविक समय में निगरानी के माध्यम से प्रभावी क्रियान्वयन और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने पर ध्यान दिया जाएगा।

वहीं, बोडोलैंड विजिलेंस कमेटी (बीवीसी) विभिन्न विभागों में पारदर्शिता, जवाबदेही और संस्थागत व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निगरानी तंत्र के रूप में कार्य करेगी। समिति विभागों एवं योजनाओं में संभावित कमजोरियों की पहचान करने, अधिक जवाबदेही की आवश्यकता वाले क्षेत्रों की समीक्षा करने तथा आवश्यकता के अनुसार नियमित और आकस्मिक ऑडिट करने के साथ-साथ व्यवस्था एवं प्रक्रियाओं को मजबूत करने के लिए सुझाव देगी।

बैठक में पिछले पांच वर्षों के दौरान लागू की गई विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करने पर भी चर्चा हुई। उपलब्ध आंकड़ों का विश्लेषण कर संभावित अनियमितताओं की पहचान करने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन की समग्र कार्यक्षमता एवं प्रभावशीलता का आकलन करने पर जोर दिया गया।

इसके अलावा एसओपीडी 2026-27 के आवंटन एवं देनदारियों के भुगतान, एफआरबीएम एक्ट तथा डीएफपी रूल्स, 2022 के प्रावधानों और समितियों को उपलब्ध कराए गए आंकड़ों की जांच एवं उनके आधार पर आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया पर भी विचार-विमर्श किया गया।

बैठक के अंत में बीटीसी के विभिन्न विभागों के कामकाज तथा विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में अधिक पारदर्शिता, जवाबदेही और निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने की साझा प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।

हिन्दुस्थान समाचार / किशोर मिश्रा