जेएनयू में जल्द शुरू होंगे बोडो एमआईएल, स्टडी सेंटर और म्यूजियम
कोकराझार (असम), 31 जुलाई (हि.स.)। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू), नई दिल्ली में जल्द ही बोडो एमआईएल, बोडो स्टडी सेंटर और बोडो म्यूजियम शुरू किए जाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है।
कोकराझार प्रेस क्लब में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बीटीसी के शिक्षा विभाग के कार्यकारी सदस्य रबीराम नार्जारी ने बताया कि बोडोएमआईएल की पढ़ाई गौहाटी विश्वविद्यालय, डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय, बोडोलैंड विश्वविद्यालय और कोकराझार विश्वविद्यालय में शुरू हो चुकी है, लेकिन जेएनयू में अभी इसकी शुरुआत नहीं हुई है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में बीटीसी के शिक्षा विभाग के ओएसडी एनबी वारी, शिक्षा निदेशक जगदीश चंद्र ब्रह्म और जनता कॉलेज के सहायक प्रोफेसर दहाल खुंगुर नार्जारी की तीन सदस्यीय टीम ने नई दिल्ली में जेएनयू प्रशासन के साथ चर्चा की।
रबीराम नार्जारी ने कहा कि देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में शामिल जेएनयू में बोडोएमआईएल शुरू होना बोडो भाषा एवं साहित्य के वैश्विक स्तर पर शोध और अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। साथ ही, शोधार्थियों के लिए बोडो स्टडी सेंटर स्थापित करने और बोडो भाषा, साहित्य एवं संस्कृति को संरक्षित करने के उद्देश्य से बोडो म्यूजियम खोलने पर भी चर्चा हुई।
उन्होंने बताया कि जेएनयू की कुलपति शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित ने टीम को बोडोएमआईएल, बोडो स्टडी सेंटर और म्यूजियम स्थापित करने की दिशा में जल्द पहल करने का आश्वासन दिया है।
बीटीसी सरकार की ओर से इस प्रस्ताव के लिए 10 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराने की पहल किए जाने की भी जानकारी दी गई।
हिन्दुस्थान समाचार / किशोर मिश्रा

