बलात्कार के मामले में बानेजुद्दीन शेख उर्फ जीतू को 20 वर्ष का सश्रम कारावास
-कोकराझार की विशेष अदालत ने अन्य मामले में दो और अपराधियों को भी पॉक्सो क़ानून के तहत दोषी करार दिया
कोकराझार (असम), 23 सितम्बर (हि.स.)। बलात्कार के एक महत्वपूर्ण मामले में कोकराझार की विशेष अदालत ने आरोपित बानेजुद्दीन शेख उर्फ जीतू को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपित पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अदालत के आदेश के अनुसार, निर्धारित जुर्माने की राशि का भुगतान नहीं करने पर आरोपित को अतिरिक्त छह माह का कारावास भुगतना होगा।
घटना के अनुसार कोकराझार जिले के फकीराग्राम थाना अंतर्गत बिन्नासारा निवासी बनेजुद्दिन शेख ने स्वयं को जीतू राय बताकर एक नाबालिग लड़की को प्रेम के जाल में फंसाया था। इसके बाद नाबालिग लड़की की अश्लील फोटो बनाकर ब्लैकमेलिंग की। इसी बीच बनेजुद्दिन शेख उर्फ जीतू राय ने नाबालिग लड़की को दूसरे जगह ले जाकर उसके साथ बलात्कार किया और उसकी अश्लील फोटो वायरल कर दी।
घटना की जानकारी मिलते ही लड़की के परिजनों ने घटना के संबंध में फकीराग्राम थाना में एफआईआर (नं. 60/25) दर्ज कराई। चूंकि यह मामला गंभीर था, इसलिए बाद में इसे विशेष अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया और विशेष अदालत में एक मामला दर्ज (मामला नं. 5/26) हुआ।
बलात्कार के इस मामले में सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और तथ्यों के परीक्षण के बाद अदालत ने यह सजा सुनाई। अदालत के इस फैसले को मामले में एक महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णय माना जा रहा है।
वहीं दूसरी ओर कोकराझार की विशेष अदालत ने आज दो और अपराधियों को भी पॉक्सो क़ानून के तहत दोषी करार दिया। बामुनगांव के बुल्जार अली और थाना दरपारा के राजकुमार राय को विशेष अदालत ने दोषी ठहराया है। दोनों आरोपितों ने नाबालिग के साथ दुराचार किया था।
विशेष अदालत ने बुल्जार अली और राजकुमार राय को पॉक्सो क़ानून के तहत दोषी ठहराया है, हालांकि आने वाले 25 सितंबर को ही विशेष अदालत सज़ा सुनाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / किशोर मिश्रा

