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बोको-छयगांव में महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं का निरीक्षण करने पहुंचे मंत्री पीयूष

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बोको-छयगांव में महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं का निरीक्षण करने पहुंचे मंत्री पीयूष


कामरूप (असम), 20 जून (हि.स.)। असम सरकार के सिंचाई मंत्री पीयूष हजारिका ने शनिवार को बोको-छयगांव क्षेत्र में आधुनिकीकृत कमांड एरिया विकास (एमसीएडी) पायलट परियोजना के तहत संचालित सिंगुआ फ्लो इरिगेशन स्कीम (एफआईएस) क्लस्टर तथा सौर ऊर्जा संचालित मोबाइल लिफ्ट इरिगेशन स्कीम का निरीक्षण कर परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने परियोजना स्थलों का विस्तृत अवलोकन किया और अभियंताओं, तकनीकी विशेषज्ञों तथा संबंधित अधिकारियों के साथ चर्चा की। उन्होंने परियोजनाओं के तकनीकी पहलुओं, कार्यान्वयन प्रक्रिया, नवाचारपूर्ण विशेषताओं और संभावित लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। साथ ही स्थानीय किसानों और ग्रामीणों से संवाद कर उनकी अपेक्षाओं तथा अनुभवों को भी जाना।

मंत्री ने भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के आधुनिकीकृत कमांड एरिया विकास (एमसीएडी) कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यान्वित सिंगुआ एफआईएस क्लस्टर परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। जल उपयोग दक्षता बढ़ाने और आधुनिक सिंचाई प्रबंधन प्रणाली विकसित करने के उद्देश्य से शुरू की गई यह परियोजना क्षेत्र के किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराकर कृषि उत्पादन बढ़ाने में सहायक होगी।

इसके अतिरिक्त उन्होंने सौर ऊर्जा संचालित मोबाइल लिफ्ट इरिगेशन स्कीम का भी निरीक्षण किया। दूरदराज और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कम लागत पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार इस अभिनव परियोजना में सौर ऊर्जा संचालित फ्लोटिंग पंप स्टेशन के माध्यम से खेतों तक प्रभावी ढंग से पानी पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। मंत्री ने परियोजना की तकनीकी विशेषताओं और किसानों के लिए इसकी उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी ली।

परियोजनाओं के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर जोर देते हुए मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसान कल्याण, कृषि उत्पादन में वृद्धि और आधुनिक सिंचाई अवसंरचना के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

निरीक्षण कार्यक्रम में विधायक राजू मेष, सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ, परियोजना सलाहकार तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश