home page

अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस पर गौहाटी विश्वविद्यालय में ‘सत्रिया वैभवम’ का आयोजन

 | 
अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस पर गौहाटी विश्वविद्यालय में ‘सत्रिया वैभवम’ का आयोजन


अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस पर गौहाटी विश्वविद्यालय में ‘सत्रिया वैभवम’ का आयोजन


गुवाहाटी, 29 अप्रैल (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस के अवसर पर गौहाटी विश्वविद्यालय के परफॉर्मिंग आर्ट्स एवं संस्कृति केंद्र तथा भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र और स्नातकोत्तर छात्र संघ के सहयोग से आज फणिधर दत्ता सभागार में भव्य कार्यक्रम के साथ ‘सत्रिया वैभवम’ शीर्षक से कार्यक्रम आयोजित किया गया। नृत्य, संस्कृति और शोध के माध्यम से सत्रिया कला के संरक्षण और प्रसार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सत्रिया नृत्य की गौरवशाली परंपरा और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला गया।

इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध कलाकार बायनाचार्य घनकांत बरादेव ने कहा, “सत्रिया नृत्य हमारी संस्कृति और भक्ति की एक सुंदर अभिव्यक्ति है; इसका संरक्षण करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित कुलपति प्रोफेसर ननी गोपाल महंत ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा, “भारतीय नाट्यशास्त्र के अनुरूप सत्रिया नृत्य गुरुजन के दर्शन और शिक्षाओं को आगे बढ़ाता है। यह नृत्य केवल एक कला नहीं, बल्कि असम की समृद्ध संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत का जीवंत दस्तावेज है।

कार्यक्रम में असम की प्रसिद्ध सत्रिया कलाकार मल्लिका कंदली ने ‘नायिका वेदा इन सत्रिया डांस’ विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत करने के साथ-साथ अपनी प्रस्तुति भी दी।

डॉ. अन्वेषा महंत द्वारा संचालित ‘सत्रीया आर्ट्स: प्रेजेंट सिनेरियो, प्रॉस्पेक्ट्स एंड चैलेंजेज, ’ विषयक चर्चा सत्र में संगीता बोरा, अजय सरकार, अरुणाभ ज्योति मालाकार और धनमणि दास ने विषय पर विस्तृत चर्चा की।

परफॉर्मिंग आर्ट्स एवं संस्कृति केंद्र के निदेशक प्रोफेसर प्रांजल सैकिया के स्वागत भाषण के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफेसर उत्पल शर्मा, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के निदेशक डॉ. चोपम रणबीर सिंह, केंद्र के प्रोफेसर, विशिष्ट अतिथि, शोधार्थी तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

हिन्दुस्थान समाचार / देबजानी पतिकर