चुनाव 26: घर से मतदान की सुविधा: असम में निर्वाचन आयोग की विशेष पहल
गुवाहाटी, 31 मार्च (हि.स.)। असम विधानसभा सामान्य चुनाव 2026 के मद्देनजर प्रत्येक मतदाता को अपने मताधिकार का प्रयोग सुनिश्चित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष कदम उठाए हैं। राज्य में भी इन व्यवस्थाओं को व्यापक समर्थन मिला है।
आगामी चुनाव को अधिक समावेशी और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से आयोग ने पात्र मतदाताओं को घर से मतदान करने की विशेष सुविधा प्रदान की है। राज्य के जिला प्रशासन इस पहल को लागू करने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर चुके हैं। इस व्यवस्था के तहत 85 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं को घर से ही मतदान करने की अनुमति दी गई है।
राज्य के चुनाव अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन मतदाताओं को मतदान का अवसर प्रदान करना है, जो आयु या शारीरिक असुविधा के कारण मतदान केंद्र तक नहीं पहुंच पाते हैं। निर्धारित आवेदन प्रक्रिया के माध्यम से इस सुविधा का लाभ उठाया जा सकता है।
जिला प्रशासन की पोलिंग टीमें पारदर्शिता बनाए रखते हुए मतदाताओं के घर जाकर उनके मत एकत्र करे रहीं हैं। “हर वोट महत्वपूर्ण है और हर मतदाता मायने रखता है” इस लोकतांत्रिक सिद्धांत को मजबूत करने के लिए यह पहल की गई है।
असम में 85 वर्ष से अधिक आयु के 19,774 मतदाताओं को रिटर्निंग ऑफिसरों द्वारा घर से मतदान के लिए स्वीकृति दी गई है, जो इस श्रेणी के कुल पात्र मतदाताओं का 19.32 प्रतिशत है। इसी प्रकार 6,638 दिव्यांग मतदाताओं को भी इस सुविधा के लिए स्वीकृत किया गया है, जो कुल दिव्यांग मतदाताओं का 3.23 प्रतिशत है।
इन मतदाताओं को पहले से ही मतदान कार्यक्रम की जानकारी दी जाती है और मतदान दल उनके घर जाकर वोट संग्रह करते हैं। असम में घर से मतदान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 5 अप्रैल तक पूरी कर ली जाएगी। यदि पहली बार में कोई मतदाता उपलब्ध नहीं होता है, तो दूसरी बार प्रयास किया जाएगा।
इस संबंध में सभी उम्मीदवारों को भी पोलिंग टीमों के कार्यक्रम की जानकारी दी गई है। इच्छुक उम्मीदवार फॉर्म 10 के माध्यम से रिटर्निंग ऑफिसर को सूचित कर अपने प्रतिनिधि को पोलिंग टीम के साथ भेज सकते हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

