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आदिवासी युवाओं को फायर एंड सेफ्टी का प्रशिक्षण देने की पहल

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-75 आरक्षित सीटों के लिए चयन परीक्षा आयोजित

कोकराझार (असम), 30 अक्टूबर (हि.स.)। आदिवासी समुदाय के शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से आदिवासी कल्याण एवं विकास परिषद (एडब्ल्यूडीसी) ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। परिषद की ओर से डिब्रूगढ़ स्थित नॉर्थ ईस्टर्न फायर सर्विस एकेडमी (एनईएफएसए) के माध्यम से आदिवासी समुदाय के 75 युवक-युवतियों को पेशेवर फायर एंड सेफ्टी प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गई है। इसी क्रम में शुक्रवार को गोसाईगांव के माटियाजुरी स्थित आदिवासी शहीद भवन में चयन प्रक्रिया आयोजित की गई, जिसमें एक हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया।

आदिवासी कल्याण एवं विकास परिषद की ओर से पूर्व में जारी अधिसूचना के आधार पर आयोजित इस चयन प्रक्रिया में अभ्यर्थियों की शारीरिक क्षमता, लिखित प्रवेश परीक्षा तथा चिकित्सकीय स्वास्थ्य परीक्षण के माध्यम से उनकी योग्यता का आकलन किया गया।

परिषद के अध्यक्ष असीम हांसदा ने बताया कि वर्ष 2026-27 के दौरान कुल 75 आरक्षित सीटों पर चयनित अभ्यर्थियों को एक वर्षीय प्रोफेशनल फायर एंड सेफ्टी स्किल्स डेवलपमेंट पाठ्यक्रम के तहत प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आदिवासी समुदाय के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को आवश्यक कौशल एवं तकनीकी प्रशिक्षण देकर अग्निशमन तथा सुरक्षा सेवा के क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिषद की इस योजना के तहत छात्रवृत्ति एवं वित्तीय सहायता का लाभ केवल पात्र आदिवासी समुदाय के अभ्यर्थियों को ही मिलेगा।

वहीं, नॉर्थ ईस्टर्न फायर सर्विस एकेडमी के मुख्य निदेशक ने बताया कि संस्थान पूर्वोत्तर भारत के युवक-युवतियों को फायर एंड सेफ्टी के क्षेत्र में पेशेवर प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है। उनके अनुसार, अब तक संस्थान से प्रशिक्षित लगभग साढ़े तीन हजार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध हुए हैं। संस्थान ने अपने प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से लगभग 90 प्रतिशत नियुक्ति का रिकॉर्ड तथा 100 प्रतिशत रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का दावा भी किया है।

चयन शिविर के दौरान एनईएफएसए के विभिन्न पदाधिकारी, आदिवासी कल्याण एवं विकास परिषद के कई कार्यकारी सदस्य तथा क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस पहल को आदिवासी समुदाय के युवाओं को कौशल विकास से जोड़ने और उनके लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / किशोर मिश्रा