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अरुणाचलः भारतीय सेना ने पद्म श्री पुरस्कार विजेता से किया संवाद

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इटानगर, 28 फरवरी (हि.स.)। नागरिक-सैन्य सहभागिता कार्यक्रम के तहत, भारतीय सेना के स्पीयरहेड डिवीजन के जवानों ने अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट में पद्म श्री पुरस्कार विजेता यानुंग जामोह लेगो से मुलाकात कर संवाद किया।

इस संवाद का उद्देश्य सशस्त्र बलों और नागरिक समाज के बीच बेहतर समन्वय और आपसी समझ को बढ़ावा देना था, साथ ही सांस्कृतिक संरक्षण और सामुदायिक विकास में उनके अनुकरणीय योगदान का सम्मान करना था।

इस मुलाकात ने स्थानीय समुदायों के साथ संबंधों को मजबूत करने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले समर्पण और सेवा के लिए भारतीय सेना की निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। इस दौरान, सैनिकों ने विशिष्ट पुरस्कार विजेता से बातचीत की और क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और स्वदेशी परंपराओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।

गहरे सम्मान और प्रशंसा के प्रतीक के रूप में, पद्म श्री पुरस्कार विजेता को समाज के प्रति उत्कृष्ट सेवा और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए निरंतर प्रयासों के सम्मान में सेना दल द्वारा सम्मानित किया गया।

यह अवसर सेवा, दृढ़ता और राष्ट्रीय गौरव के उन साझा मूल्यों का प्रतीक था जो सशस्त्र बलों और उनके द्वारा सेवा किए जाने वाले नागरिकों को एकजुट करते हैं।

इस संवाद ने भारतीय सेना की भूमिका को न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा के संरक्षक के रूप में, बल्कि सामाजिक सद्भाव, सांस्कृतिक संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता में एक सक्रिय भागीदार के रूप में भी उजागर किया। इस प्रकार की पहल क्षेत्र में विश्वास, सहयोग और जन-केंद्रित संपर्क को लगातार मजबूत कर रही हैं।

सिगार सैन्य स्टेशन से जारी बयान में बताया गया है कि भारतीय सेना पूर्वोत्तर में समावेशी विकास को बढ़ावा देने और सैन्य एवं नागरिक समाज के बीच स्थायी साझेदारी को सुदृढ़ करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।

हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी