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शोणितपुर संवाद के जरिए सेना-नागरिक समन्वय को मजबूत करने की पहल

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शोणितपुर संवाद के जरिए सेना-नागरिक समन्वय को मजबूत करने की पहल


तेजपुर (असम), 27 मई (हि.स.)। भारतीय सेना की गजराज कोर ने बुधवार को तेजपुर में “शोणितपुर संवाद” नामक सैन्य-नागरिक समन्वय संगोष्ठी का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य “समूहिक प्रयास से राष्ट्रनिर्माण” की भावना को मजबूत करना तथा “राष्ट्र सर्वोपरि” के सिद्धांत के तहत नागरिक और सैन्य संस्थाओं के बीच सहयोग को बढ़ावा देना था।

संवाद पहल के अंतर्गत समन्वय, आत्मनिर्भरता, मानसिक दृढ़ता, विश्वास और विकास को अमृतकाल के लक्ष्य के रूप में रेखांकित किया गया। संगोष्ठी में राज्य प्रशासन एवं विभिन्न प्रमुख संस्थानों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में तेजपुर विश्वविद्यालय के कुलपति, सशस्त्र सीमा बल के महानिरीक्षक, शोणितपुर रेंज के आईजी, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस विभाग के अधिकारी, बार काउंसिल एवं नगरपालिका के प्रतिनिधि, तेजपुर के निजी अस्पतालों के प्रबंधन प्रतिनिधि, मंगलदै कौशल विकास केंद्र के प्राचार्य तथा तेजपुर एवं मिसामारी के अतिरिक्त उपायुक्त सहित कई महत्वपूर्ण व्यक्ति उपस्थित रहे।

सभा को संबोधित करते हुए गजराज कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) ने “जेएआई” — जॉइंटनेस, आत्मनिर्भरता और इनोवेशन — को सुरक्षित, सशक्त और भविष्य के लिए तैयार भारत निर्माण का आधार बताया। उन्होंने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए संस्थागत समन्वय, संयुक्त प्रयास और समयबद्ध कार्यान्वयन पर जोर दिया।

सैन्य-नागरिक सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए लोकप्रिय गोपीनाथ बरदलै रिजनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेंटल हेल्थ और गजराज कोर के अंतर्गत आने वाले सेना अस्पतालों के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस सहयोग का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना, प्रशिक्षण, शोध और सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ावा देना है।

यह पहल समेकित विकास, संस्थागत सहयोग और सामूहिक राष्ट्रनिर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश