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राज्यपाल आचार्य ने 47वीं राज्य स्तरीय सीनियर एवं जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप का किया उद्घाटन

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राज्यपाल आचार्य ने 47वीं राज्य स्तरीय सीनियर एवं जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप का किया उद्घाटन


विकसित भारत के लिए खेल संस्कृति को मजबूत करें युवा : राज्यपाल

नलबाड़ी (असम), 24 जुलाई (हि.स.)। असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने शुक्रवार को नलबाड़ी स्टेडियम, सरिहाथली में आयोजित 47वीं राज्य स्तरीय सीनियर एवं जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप-2026 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं से खेल संस्कृति को मजबूत करने का आह्वान करते हुए कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, अनुशासन, सहनशक्ति और राष्ट्र निर्माण का सशक्त आधार हैं।

असम एथलेटिक्स एसोसिएशन की ओर से नलबाड़ी जिला प्रशासन और नलबाड़ी जिला खेल संघ के सहयोग से आयोजित इस चैंपियनशिप में राज्यभर से लगभग 1,200 एथलीट भाग ले रहे हैं।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में खिलाड़ियों की भागीदारी असम में विकसित हो रही खेल संस्कृति का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने में खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इस प्रकार की प्रतियोगिताएं भविष्य के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने का प्रभावी मंच प्रदान करती हैं।

राज्यपाल ने कहा कि असम की धरती ने देश को अनेक उत्कृष्ट खिलाड़ी दिए हैं, जिन्होंने अपने संघर्ष, परिश्रम और समर्पण से राज्य और राष्ट्र का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने एथलेटिक्स के दिग्गज भोगेश्वर बरुवा, हिमा दास, अमलान बोरगोहाईं और मौमिता मंडल, मुक्केबाज लवलीना बोरगोहाईं और शिवा थापा तथा तीरंदाज जयंत तालुकदार का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियां युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

आचार्य ने कहा कि एथलेटिक्स खिलाड़ियों में सहनशक्ति, आत्म-अनुशासन, धैर्य और प्रतिबद्धता जैसे गुण विकसित करता है, जो किसी भी खिलाड़ी की सफलता की मजबूत नींव होते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से खेल भावना, निष्पक्षता और ईमानदारी के उच्चतम मानकों का पालन करने का आग्रह करते हुए कहा कि पदक सफलता का प्रतीक हो सकते हैं, लेकिन अनुशासन और दृढ़ संकल्प ही एक जिम्मेदार नागरिक का निर्माण करते हैं।

राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की खेल संबंधी पहल 'खेलो इंडिया', 'फिट इंडिया मूवमेंट' और 'टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टीओपीएस)' का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने देश के खेल परिदृश्य में व्यापक बदलाव लाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा की भी सराहना करते हुए कहा कि उनकी पहल पर असम में विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना विकसित की जा रही है और जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसका सकारात्मक परिणाम यह है कि राज्य के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस चैंपियनशिप में भाग लेने वाले अनेक खिलाड़ी भविष्य में असम और भारत का गौरव बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि खेलों में किया गया निवेश वास्तव में देश के भविष्य में निवेश है, जो स्वस्थ, आत्मविश्वासी और सशक्त युवा पीढ़ी के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम में असम सरकार के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री बिस्वजीत दैमारी, वित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुवा, विधायक ऋतुबरन शर्मा, नलबाड़ी के आयुक्त निबेदन दास पटवारी, नलबाड़ी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बिबेकानंद दास सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय